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बच्चों को स्कूल भेजने पर अभिभावकों की 'ना', यहां एक हजार विद्यार्थियों में से किसी के अभिभावक ने नहीं दी है अनुमति

Fri, 30 Oct 2020 04:41 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
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छात्र-छात्राएं (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
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कोरोना संकटकाल में 19 अक्तूबर से कक्षा नौंवी से बारहवीं के विद्यार्थियों के लिए स्कूल संचालन सोशल डिस्टेंसिंग के बीच शुरू हो गया है। अभिभावकों की अनुमति लेकर बच्चे 50 फीसदी की उपस्थिति के साथ कक्षाओं में शामिल हो रहे हैं। मगर केंद्रीय विद्यालय नंबर एक एयरफोर्स में अभिभावकों की अनुमति न मिलने से स्कूल के संचालन पर संशय की स्थिति बनी हुई है। जबकि शासन की ओर से एक नवंबर से विद्यालय के संचालन की अनुमति दी गई है।

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स्कूल प्रबंधन की ओर से लगातार बच्चों के लिए बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से अभिभावकों को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। मगर अभिभावक कोरोना संक्रमण की दवाई नहीं बनने तक बच्चों को स्कूल भेजने से हाथ खड़े कर ले रहे हैं।

प्रधानाचार्य एसके श्रीवास्तव ने बताया कि स्कूल का संचालन 19 से शुरू किया गया है। मगर विद्यालय में पढ़ने वाले एक हजार विद्यार्थियों में से किसी के अभिभावक की अनुमति न मिलने की वजह से कोई भी बच्चा विद्यालय नहीं आ रहा है। जिस वजह से स्कूल प्रबंधन का पूरा फोकस ऑनलाइन पढ़ाई पर टिका है। बच्चों की दुविधा का निवारण भी ऑनलाइन ही किया जा रहा है। बिना अभिभावकों की अनुमति के बच्चों को स्कूल नहीं बुलाया जाएगा।
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वहीं केंद्रीय विद्यालय फर्टिलाइजर के प्रधानाचार्य रमेश कुमार मल्ल ने बताया कि उनके यहां अभिभावकों की अनुमति मिल चुकी है। विद्यालय का संचालन 19 अक्तूबर से शुरू किया गया था। अभी छुट्टियां चल रही हैं। एक नवंबर से विद्यालय फिर से खुलेंगे।

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