दोहरे हत्याकांड से नाराज परिजनों और गांव वालों ने सोमवार शाम दोनों शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। उन्होंने पुलिसवालों पर कार्रवाई, 50 लाख रुपये मुआवजा और शस्त्र लाइसेंस देने की मांग की। काफी जद्दोजहद के बाद मांगें पूरी कराने के एसडीएम के आश्वासन पर परिजन दाह संस्कार के लिए तैयार हुए।
जानकारी के मुताबिक, दोहरे हत्याकांड से सोमवार को भी जद्दुपुर गांव में तनाव रहा। लिहाजा, गांव में पुलिस की तैनाती रही। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराया और परिवारीजनों को सौंप दिया। शाम करीब 5.30 बजे मृतकों के परिजनों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। दोनों शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया।
सूचना पाकर एसडीएम चौरीचौरा समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे। परिजनों ने एसडीएम अनुपम मिश्रा, एसपी नार्थ मनोज कुमार अवस्थी, सीओ डॉ अखिलानंद उपाध्याय के समक्ष मांग रखी कि सभी घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था की जाए। पीड़ित परिवार को 15 दिन के अंदर असलहे का लाइसेंस दिया जाए और आरोपियों का असलहा लाइसेंस रद्द किया जाए। एसडीएम ने परिवार वालों से डीएम की बातचीत कराई।
डीएम ने पीड़ितों को उनकी मांगों को मानने का आश्वासन दिया। वार्ता के दो घंटे बाद एसडीएम के आश्वासन पर परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। शाम सात बजे शव को इटौवा घाट पर ले जाने की तैयारी होने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली। दोनों शव का अंतिम संस्कार गोर्रा नदी के इटौवा घाट पर किया गया। गोलू यादव ने अपने पिता रामकिशुन व रामायन यादव ने अपने बेटे विशाल को मुखाग्नि दी।
पुलिस के मुताबिक दोहरे हत्याकांड के आरोपित गुलशन और विकास की गिरफ्तारी सपा सरकार के पूर्व मंत्री के घर से हुई है। चर्चा है कि दोनों आरोपी हत्या के बाद पूर्व मंत्री के घर में छिपे थे। पूर्व मंत्री के परिवार की आरोपियों के घर रिश्तेदारी भी है। पुलिस ने कुछ और आरोपियों को हिरासत में लिया है। इन सबसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने पूर्व मंत्री का नाम नहीं बताया है।
पुलिस की भूमिका की जांच करेंगे एसपी सिटी
लापरवाही सामने आने के बाद एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने गोबड़ौर पुलिस चौकी इंचार्ज दिनेश कुमार साहनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही प्रकरण की जांच एसपी सिटी को दी है। एसपी सिटी विभागीय जांच भी करेंगे। वह देखेंगे कि मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका कैसी रही।
दोहरे हत्याकांड में गोबड़ौर चौकी की पुलिस की भूमिका पर ग्रामीणों ने सवाल उठाया था। आरोप लगाया था कि छठ पर विवाद हुआ था। मामला पुलिस तक पहुंचा, लेकिन एनसीआर दर्ज करके खानापूर्ति कर दी गई। पुलिस चौकी इंचार्ज दिनेश कुमार साहनी ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इससे विवाद बढ़ता चला गया। पीड़ित परिवार ने कई बार पुलिस को इस बारे में बताया था। गांव और आसपास के क्षेत्र में घटी घटनाओं और उसमें आरक्षी से लेकर पुलिस अधिकारियों द्वारा क्या कार्रवाई की गई है, इसकी भी समीक्षा की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने घटना के बाद मौके पर तत्काल पहुंचने का दिया निर्देश
झंगहा में दोहरे हत्याकांड का मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा है। मामले में पुलिस के आला अफसरों से रिपोर्ट मांगी गई है। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस के आला अफसरों को कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा है कि किसी भी घटना में पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचे, इसे सुनिश्चित किया जाए। आपको बताएं, दोहरे हत्याकांड की सूचना मिलने के बाद झंगहा पुलिस दो घंटे बाद घटना स्थल पर पहुंची थी। इसे लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई थी।