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मनीष गुप्ता हत्याकांड: सीबीआई ने होटल मैनेजर व दो पुलिसकर्मियों सहित पांच से की पूछताछ, सीन री-क्रिएट भी करा सकती है टीम

Mon, 29 Nov 2021 09:51 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

 कारोबारी मनीष गुप्ता की मौत मामले में गोरखपुर में डटी सीबीआई की टीम ने एक-एक करके रामगढ़ताल थाने में तैनात दो पुलिसकर्मियों, मनीष के गोरखपुर के मित्र, होटल के मैनेजर व कर्मचारी से पूछताछ की है।
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एनेक्सी भवन में सीबीआई की टीम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी सीबीआई की टीम सोमवार को फिर गोरखपुर आ गई। सीबीआई ने मुकदमे से जुड़े साक्ष्य जुटाए हैं। साथ ही कारोबारी के कपड़े, खून से सना तौलिया, चप्पल आदि कब्जे में लिया है। सर्किट हाउस के एनेक्सी भवन में डटी टीम ने एक-एक करके रामगढ़ताल थाने में तैनात दो पुलिसकर्मियों, मनीष के गोरखपुर के मित्र, होटल के मैनेजर व कर्मचारी से पूछताछ की है। अब आरोपी पुलिस कर्मियों को रिमांड पर लेने के साथ ही घटना का सीन री-क्रिएट कराया जा सकता है। 
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इसी सिलसिले में मनीष के हरियाणा के दोनों दोस्तों हरबीर व प्रदीप को गोरखपुर बुलाया गया है। दोनों देर शाम ट्रेन से गोरखपुर आ गए। जानकारी के मुताबिक सीबीआई की दो सदस्यीय टीम सोमवार की सुबह सड़क मार्ग से गोरखपुर आई। इसके लिए सर्किट हाउस के एनेक्सी भवन में दो कमरा पहले से बुक कराया गया था। 

वहीं, दो अन्य सदस्यों के सोमवार की रात या फिर मंगलवार की सुबह पहुंचने की संभावना है। टीम ने सबसे पहले मनीष के गोरखपुर में रहने वाले दोस्त चंदन सैनी को बुलाया। चंदन से 15 मिनट पूछताछ की और घटना के दिन की जानकारी ली। चंदन से टीम ने कहा कि कभी भी फोन जा सकता है, तत्काल आना पड़ सकता है। इससे पहले भी चंदन से कई बार पूछताछ की जा चुकी है।
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सीबीआई ने घटना वाली रात रामगढ़ताल थाने पर तैनात सिपाही रंजीत और दीवान जय प्रकाश को बुलाया था। कुछ देर बाद वे लौट आए। होटल कृष्णा पैलेस के मैनेजर आदर्श पांडेय से करीब दो घंटे तक पूछताछ की है। उधर, कुछ देर बाद सिपाही रंजीत को टीम ने दोबारा बुलाया। पूछताछ के अलावा पूरे दिन टीम दस्तावेज को तैयार करती रही। 

11 नवंबर को भी आई थी सीबीआई

इससे पहले सीबीआई 11 नवंबर को गोरखपुर आई थी। एक सप्ताह तक यहां रहकर पूछताछ करने के बाद 17 नवंबर को आरोपियों की पेशी कराकर लौट गई थी।

चप्पल व खून से सना तैलिया कब्जे में लिया
पूछताछ के बाद सीबीआई ने घटना के दौरान मौका-ए वारदात से बरामद मुकदमे से जुड़े सामान मंगा लिए। थाने का होमगार्ड रामकृपाल एक अन्य दीवान ने सामान सौंप दिया। सामान को रामगढ़ताल थाने के मालखाने में रखा गया था। इसमें होटल के रजिस्टर के अलावा मनीष गुप्ता के चप्पल और खून से सना तैलिया भी है।

सीन री-क्रिएट करा सकती है सीबीआई
दिन भी की गतिविधि के बाद संभावना जताई जा रही है कि सीबीआई आरोपी पुलिसवालों से पूछताछ कर उन्हें कस्टडी रिमांड पर भी ले सकती। 27 सितंबर को जिस वक्त यह घटना हुई है ठीक उसी वक्त, सीबीआई मनीष के दोस्तों और आरोपी पुलिस वालों के साथ क्राइम सीन रिक्रिएट कर सकती है। इसकी तैयारी की जा रही है।

होटल से मानसी अस्तपाल फिर मेडिकल कॉलेज जाएगी सीबीआई
होटल के रूम नंबर 512 में हुई घटना से लेकर मनीष को मानसी अस्पताल ले जाने और फिर वहां से बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाने का भी सीबीआई सीन रिक्रिएट कर सकती है। दअरसल, इसी से पता चलेगा कि पुलिस ने दो घंटे से ज्यादा समय कहां बिताए थे। सीन रिक्रिएशन और अन्य लोगों से अब तक की पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर भी सीबीआई आरोपी पुलिस वालों से पूछताछ करेगी। वहीं, टीम इस बार कुछ मेडिकल और फॉरेंसिक टेस्ट के जरिए भी घटना से संबंधित सबूत जुटा सकती है।
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27 सितंबर को हुई थी घटना, छह पुलिसवालों पर है केस

27 सितंबर की रात रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के होटल कृष्णा पैलेस में कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की मौत हो गई थी। मनीष के दोस्तों ने पुलिस की पिटाई से मौत का आरोप लगाया। मनीष की पत्नी मीनाक्षी ने होटल के कमरा नंबर 512 में चेकिंग करने गए तत्कालीन थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह, दरोगा अक्षय मिश्रा, विजय यादव व राहुल दुबे, सिपाही प्रशांत कुमार व हेड कांस्टेबल कमलेश यादव के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। 

मनीष की पत्नी मीनाक्षी ने गोरखपुर पुलिस पर सवाल उठाते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी। मीनाक्षी की मांग पर पहले एसआईटी कानपुर को जांच दी गई थी। करीब एक महीने तक एसआईटी ने जांच की वह चार्जशीट दाखिल करती इससे पहले जांच सीबीआई को सौंप दी गई। 

दो नवंबर को सीबीआई, लखनऊ ने इस मामले में अपने यहां एफआइआर दर्ज की। 11 नवंबर को सीबीआई की टीम जांच करने गोरखपुर पहुंची। छह दिन तक गोरखपुर में रुककर होटल कृष्णा पैलेस के कर्मचारी, रामगढ़ताल थाना पर तैनात पुलिसकर्मियों, मनीष के साथ होटल में भोजन करने वाले चंदन सैनी समेत नौ लोगों से पूछताछ की। सारे तथ्यों की पड़ताल, दस्तावेज और साक्ष्य जुटाने के बाद सीबीआई टीम 17 नवंबर का लखनऊ लौट गई थी।
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