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UP Election 2022: डिजिटल हुआ प्रचार तो बढ़ी मोबाइल-टैबलेट की मांग

Mon, 14 Feb 2022 02:05 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

वर्तमान में 4 जीबी रैम वाले 10 से 15 हजार रुपये के मोबाइल की डिमांड बढ़ी, 15 हजार रुपये तक के 3 जीबी टैब भी खरीद रहे माननीय अपने समर्थकों के लिए।
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सोशल मीडिया - फोटो : Social Media
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विस्तार
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चुनावी सभा और रैलियों पर रोक लगने के बाद से अधिक रैम (स्टोरेज क्षमता) वाले मोबाइल, टैबलेट की मांग बढ़ गई है। दुकानदारों ने बताया कि पिछले दिनों अधिक रैम की क्षमता वाले मोबाइल नेता अपने समर्थकों के लिए खरीद रहे हैं। वर्चुअल प्रचार की वजह से मोबाइल कारोबारियों को राहत मिली है। नेता, ऑनलाइन मोबाइल और टैब खरीदने में रुचि नहीं ले रहे हैं। उनका मानना है कि ऑनलाइन मोबाइल आने में विलंब होने से उनके वर्चुअल चुनाव प्रचार पर असर पड़ेगा।

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चुनाव आयोग ने आठ जनवरी को कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए इस बार चुनावोें में प्रचार का तरीका बदल दिया था। भीड़, रैली, जनसभा पर रोक लगाते हुए चुनाव प्रचार डिजिटल कर दिया था। इसके बाद से ही राजनीतिक दलों से लेकर नेताओं ने सोशल मीडिया पर प्रचार करना शुरू कर दिया। इसके लिए फेसबुक, व्हाट्सएप ग्रुप और इंस्टाग्राम का सहारा लिया जा रहा है। पार्टी कार्यालयों से लेकर नेताओं के घर पर वार रूम तैयार हो रहे हैं।

सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार के लिए संसाधनों की जरूरत पड़ने लगी है। इससे बाजार में मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट की खरीदारी शुरू हो गई है। दुकानदारों ने बताया कि चुनाव की तारीख घोषित होते ही मोबाइल और टैबलेट की मांग बढ़ने लगी है। लैपटॉप भी खरीदे जा रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि मोबाइल, लैपटॉप एवं टैबलेट की मांग में करीब 10 फीसदी तक इजाफा हुआ है।
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दुकानदारों ने बताया कि इन दिनों सबसे अधिक मांग 10 हजार से लेकर 15 हजार रुपये वाले 4 जीबी रैम के मोबाइल की है। वीडियो, मैसेज, फोटो भेजने और डाउनलोड करने और दूसरे मोबाइल तक भेजने में मोबाइल हैंग नहीं करता है। इसके अलावा 3 जीबी रैम वाले टैब की मांग भी बढ़ गई है। इसमें 15 हजार रुपये तक में टैब आसानी से मिल जाता है।

 

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फेसबुक, व्हाटसएप और ट्विटर पर चल रही है जंग

फेसबुक, ट्विटर और व्हाटसएप ग्रुप से लेकर मोबाइल पर टेक्स्ट मैसेज भेजकर मतदाताओं को लुभाने की कोशिश की जा रही है। नेता और उनके समर्थक अपने ट्विटर एकाउंट से लगातार अपने नेता और पार्टी के समर्थन में पोस्ट साझा कर रहे हैं। माननीयों ने अपने कार्यालय से लेकर घर पर तक कंप्यूटर सिस्टम लगा रखा है। सॉफ्टवेयर के माध्यम से अपलोड मोबाइल नंबरों पर एक क्लिक से ही मैसेज भेज रहे हैं।

कोरोना के कारण विधानसभा चुनाव में प्रचार का तरीका बदल गया है। राजनीतिक दलों से लेकर नेताओं ने सोशल मीडिया पर प्रचार करना शुरू कर दिया है। इसके लिए फेसबुक, व्हाट्सएप ग्रुप और इंस्टाग्राम का सहारा लिया जा रहा है। मोबाइल खरीदे जा रहे हैं। -अभिषेक जायसवाल, मोबाइल डिस्ट्रीब्यूटर।

चुनाव का तारीख घोषित होते ही मोबाइल और टैबलेट की मांग बढ़ने लगी है। लैपटॉप भी खरीदे जा रहे हैं। मोबाइल, एवं टैबलेट की मांग में करीब 10 फीसदी तक इजाफा हुआ है। इस दौरान लैपटॉप की मांग भी बढ़ी है।-विक्की सराफ, उमा इंटरप्राइजेज।
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