कोरोना काल में आपदा की चुनौती को अवसर में बदलते हुए प्राविधिक शिक्षा विभाग द्वारा जहां शुचितापूर्ण परीक्षा को लेकर परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले प्रश्नपत्र केंद्रों को भेजा जा रहा है। वहीं कॉपियों के डिजिटल मूल्यांकन की सफल शुरूआत भी हो चुकी है। पॉलिटेक्निक में आयोजित सेमेस्टर परीक्षाओं में इसका प्रयोग सफल रहा है।
कोरोना काल की वजह से मार्च से शिक्षण संस्थान बंद चल रहे थे। जिम्मेदारों के अनुसार एकेटीयू के परीक्षा मॉडल से प्रदेश भर के इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट व फार्मेसी संस्थाओं में हर साल परीक्षा आयोजित की जाती है। अब इसे पॉलिटेक्निक में भी लागू किया गया है।
एकेटीयू अपने सेंटर पर ऑनलाइन पेपर एक दिन पहले भेज देता है, जिसे अगले दिन परीक्षा से 30 मिनट पहले कोड के माध्यम से खोला जाता है। परीक्षा से 30 मिनट पहले सेंटर में परीक्षार्थियों की रिपोर्टिंग समाप्त हो जाती है और इसके बाद कोई बाहर नहीं जाता। इन 30 मिनट में सेंटर पर पेपर प्रिंट करके परीक्षार्थियों को बांटा जाता है, जिससे पेपर के बाहर जाने की संभावना न के बराबर होती है।