गोरखपुर डेंगू: प्रतीकात्मक तस्वीर।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज में डेंगू से पीड़ित एक युवक की मौत हो गई है। मरीज संतकबीरनगर जिले का रहनेवाला था। इसके अलावा पीडियाट्रिक वार्ड में डेंगू से पीड़ित दो बच्चे और दो अन्य डेंगू के मरीज बीआरडी में भर्ती हैं। डॉक्टरों के मुताबिक इन मरीजों में पहले से काफी सुधार है। राहत की बात यह है कि जिन बच्चों में डेंगू की पुष्टि हुई है उनकी हालत खतरे से बाहर है। वहीं रेलवे अस्पताल में डेंगू के तीन मरीज भर्ती हैं।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने बताया कि जिले के एक भी मरीज की मौत डेंगू से नहीं हुई है। जिस युवक की मौत डेंगू से हुई है वह संतकबीरनगर जिले का रहने वाला है। उसकी उम्र करीब 20 वर्ष थी। इसके अलावा दो बच्चे और दो अन्य युवकों में डेंगू की पुष्टि हुई है। उनका इलाज डेंगू वार्ड में चल रहा है। सभी मरीज खतरे से बाहर है। बता दें कि इससे पूर्व बीआरडी में डेंगू के पांच मरीज मिल चुके हैं, जो ठीक हो चुके हैं। इन्हीं मरीजों के मिलने के कारण कॉलेज प्रशासन ने मेडिसिन विभाग की ओपीडी में आने वाले मरीजों की डेंगू जांच भी करा रहा है। प्रतिदिन मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में 70 से 80 नमूने एलाइजा जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।
रेलवे की कॉलोनियों से फैल सकता हैं डेंगू और मलेरिया
रेलवे की कॉलोनियों में जमा पानी डेंगू और मलेरिया को बढ़ा सकता है। मलेरिया विभाग की टीम ने सर्वे के तहत यह रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को दी है। सर्वे में यह बात सामने आई है कि रेलवे की कॉलोनियों में जमा पानी और गंदगी की वजह से डेंगू और मलेरिया फैल सकता है। इसे लेकर मलेरिया अधिकारी ने रेलवे प्रशासन को पत्र लिखकर साफ-सफाई करवाने की बात कही है।
छह सदस्यीय टीम कर रही है सर्वे
मलेरिया विभाग की छह सदस्यीय टीम लगातार शहर के विभिन्न इलाकों में सर्वे कर रही है। इसके तहत यह देखा जा रहा है कि किन स्थानों पर पानी इकट्ठा हो रहा है और डेंगू के लार्वा पनप सकते हैं। ऐसे इलाकों में कौवाबाग, यांत्रिक कारखाना, बौलिया कॉलोनी, बिछिया रेलवे कॉलोनी आदि जगहों पर गंदगी का अंबार है। यहां पर जलभराव भी है। इसकी वजह से विभाग को डर है कि कही इन्हीं कारणों की वजह से डेंगू और मलेरिया के केस न बढ़ जाए।
एक नजर अब तक हुई जांच पर
मलेरिया की जांच - 7333
मलेरिया के पॉजिटिव मरीज - 2
अब तक डेंगू के हुए टेस्ट - 673
डेंगू के पॉजिटिव मरीज - 5