इसे सोशल मीडिया पर खुद का वाहवाही बटोरने के लिए साझा भी कर दिया। अमर उजाला ने उस समय भी प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इन्हीं हिरणों में से एक बारहसिंघा हिरण पिछले कुछ दिनों से गर्भवती थी। सोमवार को उसकी डिलिवरी होनी थी। वन्य जीवों के बच्चे जन्म लेते समय चिकित्सक या अन्य स्टाफ मौके पर मौजूद रहता है। जन्म लेने में दिक्कत होने पर अपने हाथों से मादा वन्य जीव का सहयोग कर बच्चे के पेट से बाहर निकालता है।
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सूत्र बताते हैं कि इसी दौरान मौके के जिम्मेदारों ने अगर सहयोग किया होता को हिरण के बच्चे की मौत नहीं होती। शाम 5 बजे से लेकर देर रात 9 बजे तक शिशु जन्म लेने के दौरान फंसा रहा। सूत्रों ने बताया कि बुधवार को भी पूरे दिन सांभर हिरण बाड़े में किनारे बैठी रही। सांभर शेड्यूल तीन के तहत आता है। ऐसे में वन्य जीव अधिनियम के तहत शेड्यूल थ्री में आने वाले वन्य जीवों के मौत की जानकारी तीन महीने के भीतर देनी होती है। सूत्र बताते हैं कि इसी नियम को देखते हुए खुद के बचाव के लिए सूचना दो दिन बाद भेज दी गई।
दो दिन पहले जन्मे बच्चे की मौत होने के बाद इसकी जानकारी भी चिड़ियाघर के जिम्मेदारों को नहीं थी। मंगलवार की रात में रेंजर ने ऐसी किसी भी घटना के होने से मना किया। ऐसे में अगर बच्चा जन्मे लेते ही स्वाभाविक तरीके से मृत पैदा हुआ था, तो इसे छिपाने की क्या जरूरत थी? अगर जानकारी नहीं थी तो पूछने के बाद भी रेंजर की तरफ से इसकी जानकारी नहीं दी गई। हालांकि, रेंजर ने चिड़ियाघर परिसर के भीतर रेंज का दायरा बांटते हुए इस वन्य जीव को दूसरे रेंज का बताकर पल्ला झाड़ लिया था।
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जन्म लेने की सूचना, लेकिन मौत पर चुप्पी
चिड़ियाघर प्रबंधन की तरफ से जन्म लेने वाले वन्य जीव बच्चों की सूचना अखबारों को प्रकाशित कराई जाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट चिड़ियाघर पर शासन स्तर की भी नजर रहती है। लेकिन सोमवार को जन्मे बच्चे की मौत होने या मृत बच्चे के जन्म लेने की सूचना चिड़ियाघर प्रबंधन की तरफ से नहीं दी गई। सूत्र बताते हैं कि मौत की जांच या स्पष्टीकरण से बचने से ऐसा किया गया।
चिड़ियाघर में वन्य जीव की मौत का मामला पहला नहीं है। बीते दिनों बाड़े में सांप ने बंदर को काट लिया था। इससे उसकी मौत हो गई थी। इसके अलावा आपस में लड़ाई से दो मगरमच्छ की मौत हो गई थी। मोर के बाड़े में कांच का टुकड़ा मिलने के बाद इसे निगलने से मोर की मौत हो चुकी है। हाईना के जन्म लिए दो बच्चों की मौत हो चुकी है।
चिड़ियाघर निदेशक मनोज शुक्ला ने कहा कि हिरण का बच्चा मृत ही पैदा हुआ था। रेंजर या अन्य किसी ने जानकारी क्यों नहीं दी, ये नहीं पता। हमसे पूछ रहे हैं तो बता रहा हूं कि बच्चा मृत पैदा हुआ था।