धरने पर बैठे लोगों को समझाते पुलिसकर्मी।
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उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भलुअनी थाना क्षेत्र के गड़ेर गांव के पास धान के खेत में गुरुवार की सुबह एक जन सेवा केंद्र संचालक का शव मिला। तीन दिन से गायब शख्स के परिजन पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बरहज देवरिया मार्ग पर शव रखकर धरने पर बैठ गए। घटना की जानकारी होने पर पुलिस के आला अफसर मौके पर पहुंच गए और परिजनों को समझाने बुझाने लगे रहे।
जानकारी के अनुसार, भलुअनी थाना क्षेत्र के तरकुलहा गांव निवासी धर्मदेव यादव (30) पुत्र गुजेश्वरी गांधी चौक पर जन सेवा केंद्र चलाकर परिवार का भरण पोषण करता था। 11 अक्तूबर को छोटे भाई अर्पण का जन्मदिन पार्टी घर पर आयोजित की गई थी। इसी बीच रात में करीब 2:00 बजे अचानक धर्मदेव घर से निकला और वापस नहीं लौटा। इस पर परिजन 12 और 13 अक्तूबर को थाने पहुंचे और धर्मदेव की गुमशुदगी की तहरीर पुलिस को दी, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया।
इसी बीच गुरुवार की सुबह गड़ेर गांव के पास स्थित जलपा माई मंदिर के पास धान के खेत में शख्स का शव ग्रामीणों ने देखा। लोगों ने शव मिलने की खबर पुलिस और शख्स के परिजनों को दी। मौके पर पहुंचे परिजन शव को देखते ही हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आक्रोशित हो गए।
इस दौरान सैकड़ों की संख्या में परिजन और अन्य लोगों ने शव को देवरिया बरहज मार्ग पर गड़ेर चौराहे के पास लाकर रख दिया। इसके बाद सड़क जाम कर धरने पर बैठ गए। मृतक की पत्नी रिंकी का आरोप है कि पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज करने में लापरवाही बरती है। आशंका है कि हत्या कर शव को फेंका गया है, क्योंकि गले पर चोट के निशान दिख रहे हैं।
जाम लगने के कारण देवरिया बरहज मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। मौके पर पहुंचे सीओ, एएसपी परिजनों को समझाने बुझाने में जुट गए। परिजन मौके पर एसओ दीपक कुमार को बुलाने की मांग पर डटे रहे। अपर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है, शीघ्र ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।