गोरखपुर जिले के चौरीचौरा इलाके के सोनबरसा पुलिस चौकी पर तैनात सिपाहियों के साथ मारपीट करने के आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। मामले में अब तक सिर्फ दो आरोपियों को ही पुलिस पकड़ पाई है। पुलिस अब वीडियो फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान करने की कोशिश में जुटी है। घटना का मुख्य आरोपित विवेकानंद यादव व रविंद्र यादव पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
जानकारी के मुताबिक, रामपुर बुजुर्ग के 15 मील चौराहे पर 22 अक्तूबर की रात शराब पीकर उत्पात मचा रहे आरोपियों को सिपाही प्रदीप कुमार व नीलेश कुमार ने मना किया तो आरोपियों ने उनकी पिटाई कर दी थी। एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों पर रासुका तक लगाने की बात कही।
कांस्टेबल प्रदीप की तहरीर पर कुशीनगर के हाटा कोतवाली अंतर्गत पिपरपाती निवासी विवेकानंद यादव, अहिरौली थाना क्षेत्र के भगवानपुर बुजुर्ग निवासी डब्लू उर्फ अनिल सिंह, पिपराइच के सुरसरदेउरी निवासी रविंद्र यादव व हरिओम यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अनिल सिंह व हरिओम को रात में ही गिरफ्तार कर जेल भेज गया था।
इस घटना का मुख्य अभियुक्त विवेकानंद और रविंद्र की तलाश में पुलिस की चार टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। आशंका जताई जा रही है कि विवेकानंद ने नेपाल में शरण ले ली है। पुलिस के मुताबिक विवेकानंद शातिर अपराधी है। उसके ऊपर हाटा कोतवाली में कई धाराओं के साथ एससी एसटी एक्ट का मुकदमा भी दर्ज है।
चौरीचौरा सीओ जगत कनौजिया ने कहा कि हमला करने वाले नामजद विवेकानंद यादव और रविंद्र यादव की तलाश में दबिश दी जा रही है। जल्द ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।