घटनास्थल पर बैठे लोग, पीड़ित मां और दोनों बच्चों की फाइल फोटो।
- फोटो : amarujala
गुलरिहा इलाके के मंगलपुर स्थित ईंट भट्टे पर शुक्रवार की सुबह ईंट का ढेर ढहने से दो मासूम जिंदा दफन हो गए। दोनों सगे भाई थे। उनके गायब होने पर जब मां-बाप ने खोजबीन शुरू की तब घटना की जानकारी हुई। बच्चों के शव को निकलवा कर मौजूद लोगों ने पोस्टमार्टम कराने के अलावा लोगों ने चिलुआताल के किनारे बच्चों के शव को जलवा दिया। उधर, सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक मंगलपुर के साईं ईंट भट्टे पर झारखंड के बरगांव के विरसा उरांव का परिवार काम करता है। उसके दोनों बच्चे हरीश (3) और सुजीत (2) सुबह आठ बजे खेल रहे थे। तभी अचानक भट्ठे की दीवार ढह गई। हादसे में दोनों दब गए। कुछ देर बाद मां-बाप ने तलाश शुरू की तो घटना की जानकारी हुई। किसी तरह से बच्चों को बाहर निकाला गया। लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
बच्चों की खबर पुलिस तक पहुंचाने की जगह उनके शव के अंतिम संस्कार की तैयारी हो गई और आनन-फानन में चिलुआताल के किनारे दोनों बच्चों के शव का दाहसंस्कार हो गया। घटना की सूचना पुलिस को हुई और जब तक सरहरी चौकी प्रभारी धनंजय रायए राजस्व कर्मचारी मौके पर पहुंचे शव का अंतिम संस्कार हो गया था। उन्होंने अफसरों को सूचना दी जिसके बाद एसपी नार्थ अरविंद पांडेय अपनी टीम के साथ पहुंचे और बच्चों के मां.बाप के अलावा भट्ठे पर मौजूद अन्य मजदूरों से पूछताछ की।
..
ईंट.भट्ठे की दीवार के नीचे दबने से दो बच्चों की मौत हो गई है। परिवार के लोगों ने अभी पुलिस को कई तहरीर नहीं दी है। उन्होंने शव की अंत्येष्टि करा दी। उनसे बात की गई है वे भी दुर्घटना ही बता रहे हैं। जांच की जा रही है। किसी तरह की तहरीर आती है तो कार्रवाई होगी।
अरविंद पांडेय, एसपी नार्थ