लंबित विवेचनाओं को निपटाने के लिए अक्सर खुद जद्दोजहद कर रहे हैं तो मातहत हैं कि सुधारने का नाम ही नहीं ले रहे। ताजा मामला गोला थाने का सामने आया है जहां पर ऐसे ही एक लापरवाह दरोगा के खिलाफ जांच का आदेश एसपी दक्षिणी अरुण कुमार सिंह ने दे दिया है।
दरअसल, पीड़ित के सामने आने के बाद जब एसपी ने फोन किया तो दरोगा का जो जवाब था उसे सुनने के बाद खुद एसपी भी चौक गए। दरोगा ने बोला कि विवेचना जारी है और जल्द निपटा दी जाएगी। अगला सवाल यह था कि आखिर डेढ़ साल से क्यों नहीं निपट रहा है। इस पर दरोगा की चुप्पी एसपी को बहुत कुछ संकेत दे गई और फिर उन्होंने जांच का आदेश दे डाला।
जानकारी के मुताबिक, एसपी के पास दो ऐसे फरियादी पहुंचे थे जिनको केस दर्ज कराएं दो साल या एक साल का समय गुजर चुका था लेकिन उनके दर्ज केस के मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी थी। यह सुनते ही एसपी ने इसे गंभीरता से लिया और फिर सीधे विवेचक शिव प्रकाश को फोन किया तो उधर से जो जवाब आया, वह संतोषजनक नहीं था।
इसके बाद एसपी ने विभागीय जांच का आदेश दे दिया है। दरअसल ऑपरेशन न्याय के तहत जिलेभर में पुराने विवेचनाओं को निपटाने की जिम्मेदारी एसपी और सीओ रैंक के अफसरों को दे दी गई है। इसके बाद से ही पुराने मामलों में त्वरित निस्तारण का काम तेजी से किया जा रहा है। जहां कहीं भी विवेचक की कमी मिल रही है उस पर कार्रवाई भी की जा रही है। यह कार्रवाई भी उसी कड़ी में की गई है।