गोरखपुर जिले के चौरीचौरा में 12 अगस्त को माइक्रो फाइनेंस कंपनी में हुई लूटपाट की घटना में बिहार के सिवान-गोपालगंज के बदमाशों के होने के संकेत मिले हैं। पुलिस टीम को वहां पर रवाना करने का आदेश भी एडीजी ने दे दिया है। घटना का पर्दाफाश न होने पर मंगलवार को एडीजी जोन अखिल कुमार चौरीचौरा थाने पहुंचे थे। अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा की। इस दौरान यह जानकारी सामने आई।
जानकारी के मुताबिक, 12 अगस्त की रात में माइक्रो फाइनेंस कंपनी के दफ्तर में घुसे असलहा से लैस बदमाश 4.16 लाख रुपये लेकर फरार हो गए थे। इस दौरान विरोध करने पर एक कर्मचारी को मारपीट कर उसका सिर फोड़ दिया था। पुलिस लूट के लिए बल प्रयोग का केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है, लेकिन अभी तक घटना का पर्दाफाश नहीं कर सकी है। इसी बीच माइक्रो कंपनी के कर्मचारियों ने पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था कि पुलिस उन्हें ही लूट का मुजरिम बनाने पर उतारू है।
एडीजी जोन अखिल कुमार ने मंगलवार को चौरीचौरा थाना में पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम के साथ समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने कहा कि सर्विलांस व अन्य सूचनाओं से बिहार के एक सक्रिय लुटेरों के गैंग पर शक है। बिहार के सक्रिय गैंग का तार चौरीचौरा की लूट से जुडे़ होने की आशंका है। उस गैंग को पकड़ने के लिए बिहार के गोपालगंज व सिवान में पुलिस की टीमें भेजी जा रही हैं। टीमों की मॉनिटरिंग के लिए एसएसपी को निर्देश दिया गया है।