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गोरखपुर: डकैती में बिहार के बदमाशों के शामिल होने के संकेत, माइक्रो फाइनेंस कंपनी में हुई थी लूटपाट

Wed, 01 Sep 2021 01:27 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

चौरीचौरा में 12 अगस्त को हुई थी घटना। वारदात में गोपालगंज-सिवान के गिरोह के शामिल होने के सुराग मिले। एडीजी ने कार्रवाई की समीक्षा की, बिहार जाएंगी पुलिस टीमें।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर जिले के चौरीचौरा में 12 अगस्त को माइक्रो फाइनेंस कंपनी में हुई लूटपाट की घटना में बिहार के सिवान-गोपालगंज के बदमाशों के होने के संकेत मिले हैं। पुलिस टीम को वहां पर रवाना करने का आदेश भी एडीजी ने दे दिया है। घटना का पर्दाफाश न होने पर मंगलवार को एडीजी जोन अखिल कुमार चौरीचौरा थाने पहुंचे थे। अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा की। इस दौरान यह जानकारी सामने आई।
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जानकारी के मुताबिक, 12 अगस्त की रात में माइक्रो फाइनेंस कंपनी के दफ्तर में घुसे असलहा से लैस बदमाश 4.16 लाख रुपये लेकर फरार हो गए थे। इस दौरान विरोध करने पर एक कर्मचारी को मारपीट कर उसका सिर फोड़ दिया था। पुलिस लूट के लिए बल प्रयोग का केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है, लेकिन अभी तक घटना का पर्दाफाश नहीं कर सकी है। इसी बीच माइक्रो कंपनी के कर्मचारियों ने पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था कि पुलिस उन्हें ही लूट का मुजरिम बनाने पर उतारू है।  

एडीजी जोन अखिल कुमार ने मंगलवार को चौरीचौरा थाना में पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम के साथ समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने कहा कि सर्विलांस व अन्य सूचनाओं से बिहार के एक सक्रिय लुटेरों के गैंग पर शक है। बिहार के सक्रिय गैंग का तार चौरीचौरा की लूट से जुडे़ होने की आशंका है। उस गैंग को पकड़ने के लिए बिहार के गोपालगंज व सिवान में पुलिस की टीमें भेजी जा रही हैं। टीमों की मॉनिटरिंग के लिए एसएसपी को निर्देश दिया गया है।
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बीट पुलिसिंग पर एडीजी ने उठाया सवाल

एडीजी ने बीट पुलिसिंग पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि घटना होने के बाद शीघ्र खुलासा नहीं होने का कारण यह है कि बीट पुलिसिंग सिस्टम कमजोर है। बीट पुलिसिंग को बेहतर और तेज करना होगा। खासकर गोरखपुर में ज्यादा कमजोरी देखी गई और उसको एक्टिवेट करना पड़ेगा। क्षेत्र में पुलिस की पकड़ नहीं होगी तो अपराध पर नियंत्रण नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस हर गांव में सप्ताह में एक दिन बैठक करें और आपराधिक सूचनाओं का संकलन करें।
 
उत्पीड़न नहीं, पूछताछ करें
फाइनेंस कंपनी के मैनेजर व स्टाफ द्वारा उत्पीड़न करने के आरोप पर एडीजी ने कहा कि पूछताछ के लिए किसी को बुलाया जा सकता है। घटना के बाद शक कभी-कभी कंपनी के कर्मचारियों पर जाता है। इसकी जानकारी उन्हें भी दी गई है। पुलिस किसी का उत्पीड़न नहीं करेगी, लेकिन जिससे भी जरूरत होगी पूछताछ की जाएगी, ताकि घटना का पर्दाफाश किया जा सके।
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