कर्मचारी ने कहा कि मैं पंकज राय को नहीं जानता इसके बाद उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया था। सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की पहचान हो गई और मुख्य आरोपित के रूप में खोराबार के सुनील पासवान का नाम आया। सुनील प्रापर्डी डीलर है और सिपाही का बेटा भी है। पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ कर जेल भेज दिया। 13 और आरोपियों की पहचान कर ली है पर सुनील सहित अन्य अभी फरार हैं।
इसी घटना के दौरान एडीजी ने पंकज राय के बारे में जाननी चाही तो पुलिस वाले बगले झांकने लगे। उन्हें पंकज राय के बारे में न तो काई खास जानकारी थी और न ही सत्यापन के दौरान डोजियर भरा गया था। एडीजी को पता चला कि पंकज राय ब्याज पर पैसा भी देता है। उन्होंने इस लापरवाही से अवगत कराते हुए एसएसपी को पत्र लिखा है।
एडीजी अखिल कुमार ने कहा कि बदमाशों के सत्यापन का अभियान चलाए जाने पर भी पंकज राय का डोजियर ना भरना गंभीर बात है। पंकज राय पर 11 मुकदमा है और कोतवाली थाने में उसकी हिस्ट्रीशीट भी खुली है। किन वजहों से पंकज का नाम छूटा इसकी जानकारी कर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ ही पंकज राय का भी डोजियर तैयार करने को कहा गया है।