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गोरखपुर: बच्चा पैदा होते ही नाबालिग मां ने पटक-पटककर ले ली थी जान, अब ऐसे मिला न्याय

Mon, 24 Feb 2020 12:08 PM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
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पीपीगंज इलाके में नाबालिग से दुष्कर्म कर उसे मां बनाने, नवजात की हत्या करने के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर रविवार को नाबालिग मां को बालिका संरक्षण गृह और उसकी मां को जेल भेजा दिया है। जिस तरह से एक नाबालिग से दुष्कर्म कर मां बना दिया गया फिर उसके नवजात की हत्या करके आरोपित घूम रहा था, उससे गांव व आसपास के लोगों को भी यही लग रहा था कि आरोपित पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।

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आरोपित के घरवाले भी इलाके में अपने रुतबे का हवाला देकर गांव में लोगों को गाली दे रहे थे कि कोई आगे ना आए, क्योंकि कार्रवाई तो होनी नहीं है और ऐसे में जिसका भी नाम आएगा उसकी हत्या कर दी जाएगी। जानकारी के मुताबिक, आरोपित  विभाष्म कितना दुस्साहसी था, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शादीशुदा होने के बावजूद  उसने घर की छत पर ही नाबालिग से दुष्कर्म किया। मां बनाने पर भी उसे डर नहीं था।

नाबालिग के घरवालों की मजबूरी यह थी कि उम्र कम होने की वजह से सरकारी अस्पताल नहीं जा सकते थे और आरोपित लगातार रुपये के दम पर सब कुछ निपटा लेने की धौंस देता था। हत्या का केस दर्ज होने के पंद्रह दिन बाद भी कार्रवाई नहीं होने से आरोपित के हौसले बुलंद हो गए थे। घूम घूम कर यही कहते थे कि कुछ नहीं होगा। यहां तक की कई प्रभावशाली लोग भी मुद्दा उठाने वाले से यही कहते फिरते थे कि सब बेदम है। मगर आज जब घटना का पर्दाफाश हो गया तो सबकी जुबां पर ताला है।
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धौंस देकर घूमने वालों के मुंह से अब एक शब्द नहीं निकल रहा है। दुष्कर्म की सजा देने को पुलिस तलाश रही है तो आज कोई भी पैरवी को समाने नहीं आ रहा है। खैर इलाके के वे लोग जो न्यायप्रिय है, वह इस पर्दाफाश से खुश हैं। कई ने अमर उजाला दफ्तर में फोन कर बधाई भी दी।

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इनकी ताकत पर इतरा रहा था दुष्कर्मी

 1-सगे चाचा, प्रभावशाली भाजपा नेता ( नाम का इस्तेमाल हुआ। प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से पुलिस को रोकने में उनकी भूमिका नजर नहीं आई)
 2-दूसरे चाचा एक प्रभावशाली अखबार के स्थानीय प्रतिनिधि।
 3-एक प्रभावशाली ठेकेदार, (एक जनप्रतिनिधि से ऊर्जा प्राप्त करते हैं। कैंपियरगंज थाना चलाने का दावा करते हैं।)

बढ़ सकते हैं कुछ और नाम
पुलिस ने पर्दाफाश करते के साथ ही विवेचना तेज कर दी है। नाबालिग मां का जल्द ही कोर्ट में बयान दर्ज कराया जाएगा। बताया जा रहा है कि नाबालिग मां ने दुष्कर्म के मामले में  विभाष्म के अलावा उसके घर के ही एक और शख्स का नाम लिया है। अगर विवेचना या फिर कोर्ट में दिए गए बयान में भी यह नाम आता है तो उसे भी पुलिस आरोपित बनाएगी। एसओ निर्भय नारायण सिंह का कहना है कि पुलिस साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी रखेगी।

यह हुआ था
31 जनवरी को पीपीगंज इलाके के एक गांव में नवजात बच्ची की हत्या कर फेंकी गई लाश मिली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद चार फरवरी को पीपीगंज थानेदार राज प्रकाश सिंह की तहरीर पर केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच फिर कैंपियरगंज एसओ निर्भय नारायण सिंह के हवाले कर दी गई थी। शुरू में पुलिस मामले में टालमटोल कर रही थी मगर फिर अमर उजाला ने प्रमुखता से मुद्दा उठाया तो डीआईजी राजेश डी मोदक और एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने हस्तक्षेप कर मामले में कार्रवाई का आदेश दिया। इस आदेश के बाद सक्रिय हुई पुलिस ने लापता किशोरी को खोज निकाला। उसके सामने आते ही पूरा मामला खुलकर सामने आ गया।

डीआईजी राजेश डी मोदक ने कहा कि पुलिस को मामले के पर्दाफाश की जिम्मेदारी दी गई थी।  घटना का पर्दाफाश करके पुलिस ने अच्छा काम किया है। मामले में नाबालिग मां और उसकी माता कानून के शिकंजे में हैं। फरार आरोपित की तलाश में पुलिस टीम लगाई गई है। मामले का सफल अनावरण करने वाले एसओ कैंपियरगंज और उनकी टीम को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

 
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