भव्य ने अपने डॉक्यूमेंट के साथ ही उसे 27 लाख रुपये और साली ने 14 लाख रुपये दिए। जैक ने यह रकम शुभम मीर शर्मा नाम के व्यक्ति के तीन बैंक खातों में जमा कराई। शनिवार को पता लगा कि जिन खातों में रकम डाली गई वह फर्जी हैं और बुलियन बैट्स कंपनी 2015 में बंद हो चुकी है।
आरोपी जाकिउल्लाह जाहिराहमद पारकर उर्फ जैक पारकर ने ही शुभम मीर शर्मा के नाम से फर्जी खाते खुलवाए हुए हैं। इसी नाम से उसने आधार व पैन कार्ड आदि भी बना रखे हैं। राजपुर थानाध्यक्ष अशोक राठौर ने इसकी सूचना डीआईजी अरुण मोहन जोशी समेत अन्य अधिकारियों को दी। जिस पर एसपी सिटी श्वेता चौबे और सीओ डालनवाला की देखरेख में थानाध्यक्ष राजपुर के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस ने रविवार को आरोपी को मसूरी रोड से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी की पहचान जाकिउल्लाह जाहिराहमद पारकर (53) निवासी 58 नाटिंघम गार्डंस बल्लजुरा, ऑस्ट्रेलिया के रूप में हुई। वह भारत में शुभम मीर शर्मा पुत्र मीर शर्मा के नाम से 80/633 महर्षि नगर पुणे (महाराष्ट्र) में रह रहा था। हाल में वह बेस्ट पार्क एवेन्यू मालसी, मसूरी रोड में रह रहा था। उसके पास से एक्सपायरी डेट का एक पासपोर्ट, फर्जी नाम से बनाया आधार कार्ड, पैन कार्ड, लैपटॉप, मोबाइल आदि बरामद हुए हैं।
पुणे से साइकोलॉजी में किया एमए
आरोपी ने एमए साइकोलॉजी पुणे यूनिवर्सिटी की है। वर्ष 1993 में आरोपी को जुआ खेलने की लत लग गई। इस लत से उसका बहुत पैसा डूब गया। जिससे उसका अपनी पत्नी से अक्सर झगड़ा होता था और उसने डाईवोर्स की भी तैयारी कर ली थी।