आरोप है कि उसे बुरी तरह से मारते-पीटते हुए बंधक बना लिया। वह दो घंटे तक बंधक के रूप में रहा। दो घंटे के बाद जान से मारने की धमकी देते हुए उसे मुक्त कर दिया। इस घटना से वह काफी भयभीत है और शासकीय कार्य करने में असमर्थ है। प्रमुख पति नित्यानंद प्राथमिक विद्यालय लढ़या में अध्यापक है। पीड़ित ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
कोतवाल अनिल कुमार ने बताया कि प्रमुख पति नित्यानंद समेत अन्य के खिलाफ बंधक बना कर मारने-पीटने, जानमाल की धमकी देने और एससीएसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। विवेचना से जो तथ्य सामने आएगा। आगे उसी के अनुसार कार्रवाई होगी।
प्रमुख पति नित्यानंद ने बताया कि प्रमुख प्रमिला देवी की तरफ से कई बार लेखाकार से सरकारी योजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी मांगी गई, लेकिन उन्हें जानकारी नही दी गई। लेखाकार और बीडीओ के जरिए कई प्रधानों व बीडीसी को अपमानित किया गया। जिस काम के बारे में प्रधान और बीडीसी बात किए,उसमें पैसे की मांग की गई।
प्रमुख के बुलाने पर लेखकार अनसुना कर देते थे। इसकी शिकायत प्रमुख की ओर से ग्राम्य विकास मंत्री से की गई थी। मंत्री ने सीडीओ से वार्ता कर समस्या का निस्तारण कराने का कहा। इसी से खार खाए लेखकार के जरिए बंधक बनाकर मारने-पीटने का झूठा आरोप मढा गया। लेखाकार खुद उनके घर आए और उन्हें अपशब्द कहते हुए झूठे मुकदमें में फंसाने की धमकी दिए। पुलिस की जांच में सच्चाई खुद सामने आ जाएगी।