कुछ दिन पहले कोतवाली पुलिस ने एक टप्पेबाज गिरोह को चोरी की बोलेरो के साथ पकड़ा था। इसमें एक बाल अपचारी के पास से 1.20 लाख रुपये पुलिस ने बरामद किया था। यह गिरोह बाल अपचारियों के सहारे पूर्वांचल और पश्चिम यूपी में कई घटनाओं को अंजाम दे चुका था।
हत्या कर लूट करने वाला गिरोह
कुछ दिन पहले लार, मईल थाना क्षेत्र में कई वारदात हुई थी। इसमें एक युवक की गोली मारकर हत्या भी हो गई थी। इन घटनाओं में भी किशोर अपराधी शामिल रहे। खुलासा होने पर इनके पास से असलहा भी बरामद हुआ था।
जिला बाल संरक्षण इकाई संरक्षण अधिकारी जेपी तिवारी ने कहा कि किशोर अपराध को रोकने के लिए अभिभावक को जागरूक होना होगा। बच्चों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। जिस तरह लड़कियों को हमेशा समझाते हैं, उसकी तरह लड़कों को भी समझाना चाहिए। किशोरावस्था में लड़कों के प्रति गंभीर होकर उनको कॅरियर के बारे में बताना चाहिए, जिससे वह तरक्की का मार्ग चुन सके।
एएसपी राजेश कुमार ने कहा कि किशोरावस्था में अभिभावक को विशेष सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि कम समझ के कारण किशोर गलत संगत में फंस जाते है। अपने बच्चे को दोस्त की तरह उनकी सभी बातों को जानना चाहिए और खुल कर बात करना होगा। अगर वह कभी भूल कर भी अपराध के बारे में चर्चा करें तो कानून का पाठ पढ़ाना चाहिए। ताकि अपराध करने की हिम्मत न जुटा सके।
संत विनोबा पीजी कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग एसो. प्रोफेसर डॉ. नाजिश बानो ने कहा कि सामाजिक विकृति की देन है कि किशोरों के कदम गलत की दिशा में जा रहे हैं। किशोरावस्था में असीम ऊर्जा होती है। अगर गलत दिशा में ऊर्जा का उपयोग होगा तो उसका परिणाम गलत होगा। ऐसे में अभिभावकों विशेष ध्यान देना चाहिए। सबसे अधिक गड़बड़ी नशे की लत के कारण हो रही है। मोबाइल फोन का उपयोग सही काम की बजाय गलत कार्यों के लिए किया जा रहा है। इससे किशोरों में गलत प्रवृत्ति पैदा हो रही है।