गोरखपुर जिले में बदमाशों के मुखबिर पुलिस के मुखबिरों से ज्यादा सक्रिय और सटीक हैं। महराजगंज के दो व्यापारियों से सोना लूट हो या फिर अमृतसर के स्वर्ण व्यापारी से लूट, दोनों ही मामलों में सटीक मुखबिरी के चलते ही वारदात हुई। लिहाजा, पुलिस का फोकस भी अब उन मुखबिरों तक पहुंचना है, जो शिकार की पहचान कर, उनके पास कितना माल है, उसकी सटीक जानकारी बदमाशों को देते हैं।
जानकारी के मुताबिक, पुराने मामलों में यह सामने आ चुका है कि इस तरह की घटनाओं में मुखबिर की अहम भूमिका रही है। यह मुखबिरी या तो उस दुकान से होती है, जहां पर व्यापारी सामान बेचने या खरीदने जाते हैं, या फिर ठहराव वाले जगह से सटीक मुखबिरी की जाती है। नौसड़ में महराजगंज के स्वर्ण व्यापारियों से लूट की घटना का पर्दाफाश तो पुलिस ने आरोपी पुलिसवालों को गिरफ्तार कर 24 घंटे में कर दिया था। लेकिन, मंगलवार रात हुई अमृतसर के व्यापारी के साथ लूट की घटना में पुलिस अभी खाली हाथ ही नजर आ रही है। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अब इसी बात की है कि वह अपने मुखबिर तंत्र को कैसे बदमाशों के मुखबिरों से ज्यादा सक्रिय करें, ताकि अपराध ना होने पाए और अगर हो भी तो धर पकड़ जल्द हो जाए।
स्वर्ण कारोबारी से लूट करने वालों की तलाश में गैर जनपद में भी दबिश
गोरखपुर राजघाट इलाके में पांडेयहाता के पास अमृतसर के स्वर्ण कारोबारी सुरेंद्र सिंह से सोना लूटने के आरोपितों की तलाश में पुलिस गैर जनपद में भी दबिश दे रही है। पुलिस सीसी फुटेज की मदद से बदमाशों की पहचान कर उन्हें पकड़ने में लगी है। खबर है कि पुलिस ने बदमाशों की पहचान कर ली है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, पंजाब के अमृतसर निवासी स्वर्ण कारोबारी सुरेंद्र सिंह के साथ मंगलवार की रात में पांडेयहाता के पास लूट हुई थी। रविवार की रात वह गोरखपुर आए थे और हाल्सीगंज के राधेश्याम धर्मशाला में ठहरे थे। सोमवार को गोरखपुर के सराफा बाजार में गहनों की बिक्री की थी। मंगलवार को वह गहनों की बिक्री करने संतकबीरनगर चले गए। स्वर्ण कारोबारी के मुताबिक, संतकबीरनगर में गहने बेचने के बाद उनके पास 1 किलो 400 के करीब आभूषण बच गए थे। वहां से लौटने पर नार्मल टैक्सी स्टैंड से पैदल ही हाल्सीगंज स्थित राधेश्याम धर्मशाला में जा रहे थे। इसी दौरान पांडेयहाता के पास बदमाशों ने पिस्टल सटाकर उन्हें लूट लिया था।