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UP Crime: ऑनलाइन गहने मंगाकर असली निकालते, फिर नकली डालकर कर देते थे वापस, दो गिरफ्तार

Fri, 20 May 2022 12:45 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

 ब्ल्यू डार्ट कोरियर कंपनी ने शाहपुर थाने में दर्ज कराई थी शिकायत, शाहपुर थाने में दर्ज किया गया था केस, साइबर सेल को मिली कामयाबी।
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सांकेतिक फोटो - फोटो : Social Media
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विस्तार
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ऑनलाइन गहने मंगाकर असली रखने और नकली वापस कर देने के दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। साइबर सेल की मदद से पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से सोने की तीन चेन, एक अंगूठी, दो मोबाइल फोन और बाइक बरामद कर ली है। पुलिस इनके दो अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान महराजगंज के कोठीभार थाना क्षेत्र के सिसवा निवासी शुभम जायसवाल और सिसवा बाजार निवासी संतोष के रूप में हुई है। दोनों शाहपुर इलाके में किराए के कमरे में रहते हैं।

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जानकारी के मुताबिक, कोरियर कंपनी ब्ल्यू डार्ट ऑनलाइन गहनों की डिलिवरी करती है। बीते दिनों अलग-अलग मोबाइल नंबर से मंगाई गई डिलिवरी वापस होने पर पैकेट में जब नकली गहने मिले तो गहने भेजने वाली कंपनी ने कोरिअर कंपनी से शिकायत की। इसके बाद कंपनी को कर्मचारियों पर संदेह हुआ। जांच में  डिलिवरी बॉय निर्दोष निकला।

इसके बाद कुरिअर कंपनी ने शाहपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामला संज्ञान में आने पर साइबर टीम ने जांच की तो पूरा मामला खुलकर सामने आ गया। दरअसल, पकड़े गए आरोपित कैश ऑन डिलिवरी का विकल्प चुनते थे। घर आने पर बड़ी चालाकी से गहने बदल देते थे। खुलासा करने वाली टीम में साइबर सेल के इंस्पेक्टर सुनील कुमार पटेल, सीसीओ शशिशंकर राय, शशिकांज जायसवाल, पंकज कुमार गुप्ता और नीतू नाविक शामिल थे।
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इनकी है तलाश
पूछताछ में पकड़े गए आरोपितों ने फरार साथियों की पहचान बता दी है। फरार साथी सिसवा निवासी अमरदीप उर्फ विक्की जायसवाल और आस्था उर्फ मुस्कान गुप्ता की तलाश पुलिस ने शुरू कर दी है।

ऐसे बदलते थे गहने
पुलिस की पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि ऑनलाइन गहने बेचने वाली कंपनी से गहने व सामान अपने-अपने अलग-अलग मोबाइल नंबर से गोरखपुर-महराजगंज के अलग-अलग नाम, पते पर ऑर्डर करते थे। विकल्प में कैशन ऑन डिलिवरी चुनते थे। जब डिलिवरी बॉय ऑर्डर का पैकेट लेकर आता था तो एक शातिर उसे बातों में उलझाकर रखता था। तभी दूसरा पैकेट लेकर अंदर जाता था और ड्रायर मशीन की मदद से पैकेट खोलकर उसमें से असली निकालकर नकली गहने डाल देता था। फिर पैकेट को उसी तरीके से बंद कर रुपये कम होने या ऑफिस पर आने का हवाला देकर सामान लौटा दिया जाता था।

एक केटरिंग तो दूसरे की किराने की दुकान काम करता है
पुलिस के अनुसार, आरोपित शुभम शादी विवाह में केटरिंग का काम करता है और संतोष किराने की दुकान चलाता है। ज्यादा रुपये कमाने के लालच में पिछले दो महीने से ये इस काम में लिप्त थे।
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