गोरखपुर में कोविड कमांड सेंटर और बीआरडी मेडिकल कॉलेज की लापरवाही से एक महिला जिंदगी और मौत से जूझ रही है। कोविड रिपोर्ट निगेटिव बताकर महिला को एसजीपीआई लखनऊ रेफर कर दिया गया। जब महिला के परिजन इलाज के लिए लखनऊ पहुंचे तो कोविड कमांड सेंटर से फोन करके बताया गया कि कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव है। फिलहाल महिला का इलाज लखनऊ के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में चल रहा है।
जानकारी के मुताबिक बेलघाट के कोटिया बिशुन की रहने वाली सीमा त्रिपाठी की तबीयत 14 मई को बिगड़ गई। इनका ऑक्सीजन लेवल 62 के आसपास तक पहुंच गया। 15 मई को एंबुलेंस की मदद से बीआरडी में कोविड कमांड सेंटर के जरिये भर्ती कराया गया।
इस बीच 16 मई की शाम इमरजेंसी वार्ड के 14 नंबर वार्ड में शिफ्ट करते हुए यह कहा गया कि इनकी रिपोर्ट निगेटिव है। इसके बाद 17 मई की देर रात हार्ट सहित अन्य समस्याओं की बात कहकर एसजी पीजीआई रेफर कर दिया गया। किसी तरह उनके पति राकेश त्रिपाठी एंबुलेंस की मदद से लखनऊ लेकर गए।
लखनऊ पहुंचने पर उन्हें कोविड कमांड सेंटर से फोन करके यह जानकारी दी गई है कि आपके पत्नी की रिपोर्ट पॉजिटिव है जबकि बीआरडी के डॉक्टरों ने लिखा-पढ़ी में निगेटिव रिपोर्ट देकर रेफर किया है। राकेश का कहना है कि जब पत्नी की रिपोर्ट पॉजिटिव थी तो सही जानकारी देनी चाहिए थी।
रिपोर्ट निगेटिव और पॉजिटिव के चक्कर में मानसिक रूप से परेशान हो गया हूं। ऊपर से पत्नी की हालत भी ठीक नहीं है। अगर ठीक वक्त पर सही जानकारी मिल जाती और इलाज हो जाता तो स्थिति गंभीर न होती।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. पवन प्रधान ने कहा कि मामले की जानकारी नहीं मिली है। न ही अब तक कोई शिकायत आई है। अगर शिकायत मिलती है तो मामले की जांच कराई जाएगी। पता किया जाएगा आखिर गड़बड़ी कहां से हुई है। मामले में दोषी पाए जाने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।