बीएस-6 श्रेणी की गाड़ियों से निकलने वाले धुएं में सल्फर की मात्रा 10 पीपीएम (कण प्रति 10 लाख) होती है, जबकि बीएस-4 के धुएं में सल्फर की मात्रा 50 पीपीएम है। इसके अलावा बीएस-6 डीजल वाहनों में नाइट्रोजन ऑक्साइड की मात्रा 70 प्रतिशत तक कम हो जाएगी। पेट्रोल वाहनों में 25 प्रतिशत की कमी आएगी।
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गोरखपुर परिक्षेत्र परिवहन निगम सेवा प्रबंधक संजीव यादव ने कहा कि दिवाली बाद दिल्ली-एनसीआर में सिर्फ बीएस-6 मॉडल की बसें ही जा सकेंगी। जल्द ही गोरखपुर परिक्षेत्र को 40 बीएस-6 मॉडल की बसें मिलने वाली हैं, जिसे दिल्ली के लिए चलाया जाएगा। यात्रियों को किसी तरह की दिक्कत न हो इसकी पूरी व्यवस्था की जाएगी।