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कलश स्थापना कर मुख्यमंत्री योगी ने की मां शैलपुत्री की आराधना

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कलश स्थापना कर मुख्यमंत्री योगी ने की मां शैलपुत्री की आराधना
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गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र की प्रतिपदा को गोरखनाथ मंदिर के आवास स्थित शक्तिपीठ में बृहस्पतिवार की शाम वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापित कर मां शैलपुत्री की आराधना की। लगभग दो घंटे तक चले अनुष्ठान में आरती और क्षमा प्रार्थना के साथ पूजा संपन्न हुई। इसके पूर्व गोरखनाथ मंदिर में गोरक्षपीठाधीश्वर की अनुमति के बाद परंपरागत रूप से भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार दोपहर 01.30 बजे गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। उन्होंने गोरक्षपीठाधीश्वर कक्ष में जिले के आला अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा की। यह बैठक करीब आधे घंटे तक चली। बैठक के बाद सीएम योगी ने स्नान किया और कलश स्थापना के लिए तैयार हुए। योगी ने 05.30 बजे मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ को परंपरागत रूप से अपने हाथों से शिवावतारी गुरु गोरक्षनाथ का त्रिशूल देकर कलश में पानी लाने के लिए रवाना किया।
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योगी कमलनाथ की अगुवाई में साधु-संतों की कलश यात्रा मां दुर्गा के जयघोष के बीच भीम सरोवर पहुंची। जहां कलश भरने के बाद भीम सरोवर की परिक्रमा कर कलश यात्रा वापस शक्तिपीठ मंदिर पहुंची। मंदिर के प्रधान पुरोहित आचार्य रामानुज त्रिपाठी की अगुवाई में पुरुषोत्तम चौबे, रोहित मिश्र, अरविंद त्रिपाठी समेत 11 पुरोहितों ने योगी आदित्यनाथ से अनुष्ठान संपन्न कराया। सबसे पहले मां दुर्गा, भगवान शिव और गुरु गोरखनाथ के शस्त्र त्रिशूल को प्रतिष्ठित करके गौरी-गणेश की आराधना की गई। पूजन का यह सिलसिला तकरीबन दो घंटे तक चला। मुख्यमंत्री योगी द्वारा आरती एवं प्रसाद वितरण के बाद अनुष्ठान पूर्ण हुआ।
अस्त्र-शस्त्र के साथ निकली कलश यात्रा
काल-भैरव की आराधना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जैसे ही योगी कमलनाथ को अपने हाथों से त्रिशूल दिया, शोभा यात्रा की सुरक्षा के लिए अन्य साधु-संतों ने भी पीठ में मौजूद अस्त्रों-शस्त्रों को अपने हाथों में धारण कर लिया। आगे-आगे योगी कमलनाथ और उनके पीछे अस्त्र-शस्त्र लिए अन्य साधु संत चले। मंदिर के पुरोहित कलश लेकर चल रहे थे। घंट-घड़ियाल, शंख और नाथ संप्रदाय के विशेष वाद्ययंत्र नागफनी की गूंज के बीच कलश यात्रा भीम सरोवर पहुंची। भीम सरोवर में सभी अस्त्र-शस्त्र को स्नान करा, कलश भरने का अनुष्ठान पूरा हुआ। शंख ध्वनि एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शोभायात्रा वापस शक्ति मंदिर पहुंची।
अनुष्ठान में ये हुए शामिल
गोरखनाथ मंदिर में कलश यात्रा सहित विभिन्न अनुष्ठानों में कालीबाड़ी मंदिर के महंत रविंद्र दास, योगी सूरजनाथ, योगी रामेंद्र नाथ, द्वारिका तिवारी, डॉ. अरविंद चतुर्वेदी, डॉ. रोहित मिश्र, डॉ. दिग्विजय शुक्ल, पुरूषोत्तम चौबे, अरुणेश शाही, बृजेश मणि मिश्र, नित्यानंद त्रिपाठी, शशि कुमार, शुभम मिश्रा, शशांक पांडेय, अमित सिंह मोनू, दुर्गेश अग्रवाल, आनंद गुप्ता, सहदेव साहनी, जवाहर कसौधन, अरुण कुमार अग्रवाल समेत संस्कृत विद्यालय के वेदपाठी बालक शामिल हुए।
मंदिर में गूंजता रहा दुर्गा सप्तशती पाठ
नवरात्र के प्रथम दिन सुबह एवं शाम चार बजे से छह बजे तक श्रीमद देवी भागवत कथा एवं दुर्गा सप्तशती पाठ से मंदिर परिसर गुंजायमान रहा। वेद पाठी बालकों के सस्वर दुर्गा सप्तशती का पाठ पूरे वातावरण को अध्यात्म से जोड़ रहा था। यह सिलसिला नौ दिन तक अनवरत चलेगा। सीएम योगी आदित्यनाथ शुक्रवार सुबह मां ब्रह्मचारिणी का पूजन-अर्चन करेंगे।
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नौ दिनों का व्रत रहेंगे योगी, करेंगे फलाहार
नवरात्रि में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नौ दिनों के उपवास पर हैं। गोरखनाथ मंदिर के सचिव द्वारिका तिवारी ने बताया कि उपवास के दौरान योगी फलाहार के रुप में सुबह के समय दूध, दिन में सूखा मेवा और फल ग्रहण करते हैं। शाम के समय फल, दूध एवं सिंघाड़े के आटे से बना हलवा का सेवन करते हैं।
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