सीएम योगी और पीएम मोदी। (फाइल फोटो)
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लखनऊ में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में इंसेफेलाइटिस नियंत्रण को लेकर सांसद से मुख्यमंत्री तक के सफर में योगी आदित्यनाथ का सफल संघर्ष भी दिखेगा। इस संबंध में नगर निगम की तरफ से बनाई गई डॉक्यूमेंट्री वीडियो में इंसेफेलाइटिस की शुरुआत, चरम और अब नियंत्रण जैसे पहलुओं को शामिल किया गया है।
निगम की इस डॉक्यूमेंट्री में यह दर्शाया है कि योगी सरकार ने किन उपायों से बच्चों की मौत का सबब रहे इंसेफेलाइटिस पर काबू पाया। पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस की दस्तक 1977-78 में हुई। प्रतिवर्ष इसकी चपेट में आकर इस अंचल के 1200-1500 मासूम काल के गाल में समा जाते थे। 1998 में पहली बार सांसद चुने जाने के बाद से ही मार्च 2017 में मुख्यमंत्री बनने तक योगी आदित्यनाथ देश की संसद में इस बीमारी के खिलाफ पूर्वांचल की आवाज बनते रहे हैं।
इंसेफेलाइटिस प्रभावित बच्चों के इलाज और इस बीमारी पर काबू पाने के उनके संघर्ष को सफलता की सीढ़ी 2017 में उनके मुख्यमंत्री बनने पर मिली। बीते साढ़े चार साल में इंसेफेलाइटिस से होने वाली मौतों में 97 फीसदी तक की कमी आ चुकी है।
दिल्ली की टीम ने बनाई डॉक्यूमेंट्री
वीडियो डॉक्यूमेंट्री दिल्ली से आई टीम ने तैयार किया है और नगर आयुक्त इसमें नोडल अधिकारी रहे। नगर आयुक्त अविनाश सिंह कहते हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रेरणादायी नेतृत्व से ही इंसेफेलाइटिस पर काबू पाया जा सका है। वीडियो में इसका वर्किंग मॉडल भी है। प्रधानमंत्री के सामने जब वीडियो डॉक्यूमेंट्री दिखाई जाएगी तो यह पल खासकर गोरखपुर को गौरवान्वित करने वाला होगा।