मुख्यमंत्री ने कहा कि 2019 के कुंभ को यूनेस्को की तरफ से विश्व मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर माना गया। पीएम मोदी के नेतृत्व में आस्था के सम्मान व आस्था के स्थलों की पुनर्स्थापना का कार्य आज सबके सामने है। काशी में बाबा विश्वनाथ का भव्य धाम हो, केदारनाथ में केदारपुरी, महाकाल का महालोक या फिर 500 वर्षों के इंतजार के बाद अयोध्या में हो रहा भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण, एक-एक करके सभी पूर्ण होते जा रहे हैं।
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सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में नौ सालों में गरीब कल्याण की जितनी योजनाएं चलीं उतनी देश में आजादी के बाद कभी नहीं चली थीं। यही नहीं दुनिया का कोई भी देश गरीब कल्याण की इन योजनाओं के पैमाने पर नहीं पहुंच पाया है। पीएम मोदी के नेतृत्व में विकास के साथ धरोहर को पहचान और आस्था के सम्मान का अद्भुत संगम प्रवाहित है।
सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश और गोरखपुर में भी आस्था और विकास की नई यात्रा शुरू हुई है। गोरखपुर में 30 साल तक बंद रहा खाद कारखाना आज 110 प्रतिशत क्षमता से चल रहा है। जिस एम्स की कल्पना नहीं की जाती है, वह साकार होकर पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी बिहार और नेपाल तक के लोगों की चिकित्सा सेवा कर रहा है। इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियों पर लगाम लगाने के लिए शोध व जांच को आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर) का रीजनल सेंटर गोरखपुर में खोला गया है। जो रामगढ़ताल पहले अपराधियों का अड्डा था वह आज शानदार सरोवर के रूप में नई पहचान हासिल कर चुका है। सीएम योगी ने उड़ान योजना का जिक्र करते हुए कहा कि 2017 के पूर्व गोरखपुर से एक फ्लाइट की सेवा थी, आज 14 फ्लाइट की सेवा है। आज तो गोरखपुर-लखनऊ के बीच नए भारत की नई ट्रेन वंदे भारत का भी पीएम मोदी के हाथों शुभारंभ हो रहा है।
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गीता की मूल आत्मा को झंकृत किया पीएम मोदी ने
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गीता प्रेस की 100 वर्ष की शानदार यात्रा पूरी हुई है। आजादी के 75 वर्ष बाद भी कभी कोई प्रधानमंत्री नहीं आए थे। आज प्रधानमंत्री ने यहां आकर गीता की मूल आत्मा को झंकृत कर दिया है। पहली बार आकर प्रधानमंत्री ने गीता प्रेस को न केवल सम्मान दिया बल्कि पीएम की अध्यक्षता में गठित ज्यूरी ने ही गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार दिया। यह सम्मान गीता प्रेस ही नहीं, भारत की हर धरोहर का सम्मान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 100 वर्ष की यात्रा में गीता प्रेस ने अनेक उतार चढ़ाव देखे हैं। यह अब 100 करोड़ पुस्तकों के प्रकाशन की ओर अग्रसर है। प्रत्येक भारतीय भाषा में इसके प्रकाशित ग्रंथ हर सनातनी के घर में मौजूद मिलते हैं। गीता प्रेस शताब्दी वर्ष की पूर्णता पर मुख्यमंत्री ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि संस्था संस्थापकों की भावनाओं के अनुरूप अपने संकल्पों पर प्रतिबद्ध होकर आगे बढ़ती रहेगी।