मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश व प्रदेश में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन आया है। हर नागरिक व गरीबी की रेखा से नीचे जीवनयापन करने वालों के लिए अलग अलग योजनाएं घोषित की गई हैं। हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ी धनराशि खर्च की जा रही है।
सीएम योगी ने बताया कि पीएम मोदी द्वारा शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना के तहत नागरिकों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक निशुल्क इलाज की सुविधा दी जा रही है। यूपी में आयुष्मान योजना से जो लोग वंचित रह गए हैं उनके लिए मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना शुरू की गई है जिसके तहत पांच लाख रुपये स्वास्थ्य बीमा की व्यवस्था की गई है। इसके लिए कैंप लगाकर लोगों के कार्ड बनाए जा रहे हैं। आज से चार वर्ष पूर्व ऐसी सुविधा नहीं थी। 40 लाख अंत्योदय कार्डधारकों को सीएम जन आरोग्य योजना में कवर किया जा रहा है। मजदूरों को भी पांच लाख रुपये स्वास्थ्य बीमा देने की शुरुआत की गई है।
हर नागरिक को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधा देने को प्रतिबद्ध: सीएम योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम हर नागरिक को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधा देने को प्रतिबद्ध हैं। विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं वाला गोरखपुर एम्स बनकर तैयार है। अक्तूबर में पीएम मोदी के हाथों इसका उद्घाटन कराया जाएगा। आजादी मिलने के बाद से 2016 तक यूपी में महज 12 मेडिकल कॉलेज थे। 2017 के बाद से अबतक 33 नए मेडिकल कॉलेज हमारी सरकार ने बनाए। पूर्वी उत्तर प्रदेश के देवरिया व सिद्धार्थनगर में मेडिकल कॉलेज बन गया है। बस्ती का मेडिकल कॉलेज गत वर्ष से शुरू हो गया है। कुशीनगर में बन रहा है। बलरामपुर में केजीएमयू लखनऊ के सेटेलाइट सेंटर खोला गया है।
उन्होंने कहा कि पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश में एकमात्र बीआरडी मेडिकल कॉलेज था। उसके भवन जर्जर थे, पर्याप्त फैकल्टी नहीं थी। 2005-06 में तो इसे प्राइवेट सेक्टर में बेचे जाने की चर्चा थी। आज बीआरडी मेडिकल कॉलेज पूरी क्षमता से लोगों की सेवा कर रहा है। यहां नई सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक बनकर तैयार है। कोरोनाकाल में यह मेडिकल कॉलेज इलाज का बेहतरीन केंद्र बनकर सामने आया। सीएम ने कहा कि 2017 के पहले प्रदेश में एक भी लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस नहीं थी, आज 350 से अधिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस हैं। हर जिले में इसकी व्यवस्था है। यूपी में सरकार ने सेवा 108 के तहत 4600 एंबुलेंस की व्यवस्था की है।
नई रेडिएशन मशीन का लोकार्पण करने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्पताल का निरीक्षण भी किया। वह आईसीयू, डे केयर वार्ड, स्पेशल वार्ड, ओटी कॉम्प्लेक्स में गए और वहां इलाज की व्यवस्था और मशीनों के बारे में जानकारी ली। सीएम ने विशेषज्ञों से बातचीत कर नई रेडिएशन मशीन की विशेषता के बारे में भी पूछा।
नई मशीन से सामान्य कोशिकाओं पर नहीं पड़ेगा बुरा प्रभाव
कैंसर हॉस्पिटल में लगाई गई, इस रेडिएशन मशीन की लागत 18 करोड़ रुपये है जिसमें 8.5 करोड़ रुपये का अनुदान योगी सरकार ने दिया है। हॉस्पिटल के रेडियोथेरेपी विभाग में नई रेडिएशन मशीन को स्थापित किया गया है। यह टारगेट ओरिएंटेड मशीन है ये उन्हीं कोशिकाओं पर असर डालती है जो कैंसर से प्रभावित हैं। इससे मरीजों को रेडिएशन से होने वाले साइड-इफेक्ट में काफी कमी आएगी। इस मशीन की खासियत यह है कि इससे रेडिएशन के दौरान सामान्य कोशिकाओं पर बुरा प्रभाव नहीं पड़ता है।
कार्यक्रम में यह रहे मौजूद
हनुमान प्रसाद पोद्दार स्मारक समिति के रसेंदु फोगला, उमेश सिंहानिया, अनुराग डालमिया, परमेश्वर प्रसाद अजितसरिया, प्रमोद मातनहेलिया, कैंसर अस्पताल के प्रमुख डॉ एचआर माली आदि ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत किया। इस अवसर पर महापौर सीताराम जायसवाल, विधायक डॉ विमलेश पासवान, विधायक ज्ञानेंद्र सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती अंजू चौधरी, गोरखपुर एम्स की निदेशक डॉ सुरेखा किशोर, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार, पूर्व महापौर डॉ सत्या पांडेय, चैम्बर ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष विष्णु प्रसाद अजितसरिया, पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल, अतुल सराफ आदि मौजूद रहे।