मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कोरोना काल से लेकर अब तक सबसे ज्यादा रोजगार कृषि के बाद एमएसएमई सेक्टर में मिला है। इसमें बैंकों की भूमिका खास रही है। 50 लाख एमएसएमई यूनिट को ऋण उपलब्ध कराकर करोड़ों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में भी बढ़ोतरी हुई है। पहले प्रदेश में प्रति व्यक्ति सालाना आय 43 हजार रुपये थी, जो अब 95 हजार हो गई है। प्रदेश सरकार की कोशिश है कि इसे राष्ट्रीय अनुपात तक पहुंचाया जाए।
अब लाभार्थियों तक पहुंचता है सौ का सौ पैसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सौ पैसा भेजा जाता है तो लाभार्थियों के खातों में पूरा पैसा पहुंचता है। यह संभव हो सका है, जनधन खातों की वजह से। प्रदेश में करीब सात करोड़ जनधन खाते हैं। गोरखपुर की 55 लाख की आबादी में 17.50 लाख जनधन खाते हैं। स्ट्रीट वेंडरों को भी लाभ पहुंचाया जा रहा है। 15895 पंजीकृत वेंडरों में से 12 हजार से ज्यादा वेंडरों को लाभ पहुंचाया जा चुका है। बैंक प्रबंधनों से आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वेंडरों को व्यवस्थित करने के साथ ही उन्हें बैंकों से डिजिटली जोड़ें।
अगली बार 1100 करोड़ रुपये का बृहत ऋण वितरण शिविर : ग्रोवर
बड़ौदा यूपी बैंक के अध्यक्ष दविन्दर पाल ग्रोवर ने कहा कि बैंक की ओर से अगली बार आयोजित किए जाने वाले ऋण वितरण शिविर में लाभार्थियों को 1100 करोड़ रुपये का ऋण दिया जाएगा। ग्रोवर ने कहा कि उत्तर प्रदेश के 31 जनपदों में कार्यरत बड़ौदा यूपी बैंक एक अप्रैल 2020 से देश का सबसे बड़ा ग्रामीण बैंक बन गया है। वर्तमान में बड़ौदा यूपी बैंक की 1983 शाखाएं एवं 5825 ग्राहक सेवा केंद्र हैं। इसके माध्यम से आम जनता के साथ जुड़कर बैंक व्यावसायिक कार्यों के साथ-साथ सामाजिक हितों के लिए कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 18 लोगों को ऋण स्वीकृति का पत्र व चेक अपने हाथों से सौंपा है। चेक पाने वालों में प्रमुख रूप से पल्लवी गुप्ता, अमन कुमार श्रीवास्तव, शकुंतला, शद्रुल निशा, नीलम पासवान, तजुद्दीन, मनीषा, नूरजहां, प्रह्लाद, राजेश, बाबूराम, मुन्नीलाल सिंह, जहीर अब्बास शामिल रहे। ऋण वितरण कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण भी किया।
कुल 28458 व्यक्तियों को 437 करोड़ का ऋण
- 20175 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के रूप में 211 करोड़
- कृषि संबद्ध क्रियाकलापों के लिए 588 किसानों को 9 करोड़ रुपये
- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के 675 समूहों को चार करोड़ रुपये
- सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के 4152 ग्राहकों को 71 करोड़
- पीएम-स्वनिधि के 734 ग्राहकों को 44 लाख का ऋण
- आवास, कार के लिए 1885 ग्राहकों को123 करोड़ का ऋण