शारदीय नवरात्र और विजयदशमी पर आयोजित होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होने के लिए गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार शाम पांच दिनों के दौरे पर गोरखपुर पहुंचे हैं। सबसे पहले उन्होंने बाबा गोरखनाथ के दरबार और अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधिस्थल पर मत्था टेका। उसके बाद वह मां भगवती के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा शक्तिपीठ में की।
शक्तिपीठ में मुख्यमंत्री ने सबसे पहले गौरी-गणेश, वरुण, पीठ, यंत्र पूजन और मां दुर्गा का विधिवत पूजन किया। उसके बाद भगवान राम, लक्ष्मण, सीता के षोडषोचार पूजन कर भगवान कृष्ण और गोमाता की आराधना की। इसी क्रम में नवग्रह पूजन, विल्व अधिष्ठात्री देवता पूजन, शस्त्र पूजन, द्वादश ज्योतिर्लिंग, अर्धनारीश्वर पूजन भी उनके द्वारा संपन्न किया गया। अंत में दुर्गा सप्तशती ओर देवी पुराण का पाठ हुआ। सात्विक बली के रूप में नारियल, गन्ना, केला, जायफर आदि की बलि देकर नवरात्र के सातवें दिन की शक्ति आराधना संपन्न हुई। समस्त अनुष्ठान मंदिर के प्रधान पुरोहित पं. रामानुज त्रिपाठी वैदिक के नेतृत्व में संपन्न किया गया।
आज महागौरी और शाम को महानिशा का पूजन करेंगे योगी
मुख्यमंत्री आज सुबह मां भगवती के आठवें स्वरूप महागौरी की आराधना किए और शाम को महानिशा पूजन और हवन का आनुष्ठानिक आयोजन उनके द्वारा पूरे विधि-विधान से संपन्न किया जाएगा।
कल कन्या पूजन में होंगे शामिल
नवमी तिथि पर बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री कन्या पूजन करेंगे और विजयदशमी को मंदिर से मानसरोवर रामलीला मैदान के लिए उनका विजय जुलूस निकलेगा। वहां वह मानसरोवर मंदिर में शक्ति आराधना के बाद भगवान राम का तिलक करेंगे।