मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरखपुर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में सुपर स्पेशियलिटी का बड़ा केंद्र बन रहा है। कभी पूर्वी उत्तर प्रदेश में इलाज के नाम पर एकमात्र बड़ा केंद्र गोरखपुर का बीआरडी मेडिकल कॉलेज ही था, वह भी खुद बीमार स्थिति में। पांच वर्षों में अब इसी बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी सेवा शुरू हो गई है। यहां एम्स खुल चुका है। निजी क्षेत्र में जांच और इलाज की तमाम सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं मिलने लगी हैं।
मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार शाम रामगढ़ताल-सर्किट हाउस रोड स्थित आर्याव्रत सेंटर के उद्घाटन के मौके पर लोगों को संबोधित किया। बताया कि सेंटर पर पेट-सीटी, गामा कैमरा एंड थ्री-टी एमआरआई जैसी जांच हो सकेगी। उन्होंने आर्याव्रत एमआरआई सेंटर की करीब ढाई दशक की चिकित्सा सेवा यात्रा की सराहना की। कहा कि वह खुद और उनके पूज्य गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ महाराज आर्याव्रत में जांच के लिए जाते थे। अब यह विश्वसनीय संस्था पूर्वांचल की पहली पेट-सीटी स्कैन जांच की सेवा देने वाली संस्था बन गई है। इस सेंटर की शुरुआत होने से पूर्वांचलवासियों को कैंसर, दांतों का स्कैन जैसी जांच के लिए दिल्ली, मुंबई या बेंगलुरु की भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। उन्होंने संस्था के चैरिटी के तहत निशुल्क जांच की तारीफ की।
जन विश्वास सबसे बड़ी पूंजी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संस्था हो या सरकार, जन विश्वास उसके लिए बहुत बड़ी पूंजी होती है। डेढ़ दशक तक गुरु श्रीगोरक्षनाथ अस्पताल के मरीजों और उनके परिजनों से संवाद करके यह महसूस किया है कि एक कॉमन मैन (आम नागरिक) बिना किसी भेदभाव के विश्वसनीय सेवाएं-सुविधाएं चाहता है। इसके तहत काम करना ही सबसे बड़ी संतुष्टि है। इस बीच उन्होंने सेंटर को आयुष्मान योजना से भी जोड़ने की बात कही, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों की जांच हो सके।
सप्ताह में तीन दिन हर मरीज से पूछते थे हालचाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु श्रीगोरक्षनाथ अस्पताल से जुड़े संस्मरण को साझा करते हुए बताया कि 2017 में मुख्यमंत्री बनने से पहले करीब पंद्रह साल तक वह सप्ताह में तीन दिन अस्पताल में जाते थे। एक-एक बेड पर जाकर हर मरीज से उसका हालचाल जानते थे। संवाद करते थे, जिसके पास दवा नहीं होती थी, उसकी दवा की व्यवस्था की जाती, जिसे खून की जरूरत होती थी, उसे स्वैच्छिक रक्तदान से रक्त उपलब्ध कराया जाता था। कोशिश यह थी रुपये के अभाव में किसी का इलाज न रुके।
हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज बनने की ओर अग्रसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी पूर्वी उत्तर प्रदेश में बीएचयू के बाद सिर्फ गोरखपुर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज था। लेकिन, मौजूदा समय में हर जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की ओर अग्रसर है। देवरिया, बस्ती, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, कुशीनगर, गोंडा, बलरामपुर, बहराइच, महराजगंज आदि जनपदों में मेडिकल कॉलेज बन गया है या बनने की तरफ बढ़ रहा है।
बच्चों को साथ लेकर उद्घाटन किया सीएम ने
आर्याव्रत एमआरआई सेंटर के उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों पर खूब प्यार-दुलार लुटाया। यहां पहुंचते ही उन्होंने स्वागत के लिए खड़े बच्चों को अपने बिलुकल पास बुला लिया। आत्मीयता से उनके माथों पर हाथ फेरते हुए उनका नाम व पढ़ाई के बारे में पूछा, खूब आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया। इसके बाद सेंटर के उद्घाटन के लिए फीता खोलने और दीप प्रज्वलन के लिए भी उन्होंने बच्चों को बुला लिया। खुद और बच्चों के हाथों फीता खोलवाया और दीप प्रज्वलित किया।
इनकी रही मौजूदगी
इस अवसर पर आर्यावर्त एमआरआई सेंटर के चेयरमैन आरएस अग्रवाल, निदेशक समीर अग्रवाल, चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल, डॉ महेंद्र अग्रवाल, डॉ एसएन केडिया, डॉ रीना श्रीवास्तव, डॉ राजेश कुमार, डॉ रजत कुमार, डॉ एसएन अग्रवाल, डॉ विक्रांत अग्रवाल, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ धर्मेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।