राप्तीसागर एक्सप्रेस से बच्चे के अपहरण के मामले में अज्ञात आरोपी महिला किस स्टेशन पर उतरी है, इसकी जानकारी करने को एक टीम केरल जाएगी। सवार यात्रियों में से 78 लोगों का मोबाइल नंबर, नाम, पता जुटाया जा रहा है, ताकि उनसे जाकर पूछताछ की जा सके। एक टीम मुजफ्फरपुर गई है, जहां पर आरोपित महिला के चढ़ने की जानकारी मिली थी। वहां पर टीम ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है। सर्विलांस की मदद से भी जीआरपी जांच पड़ताल कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, जीआरपी को सूचना मिली थी कि महिला गोरखपुर और देवरिया स्टेशन पर भी उतरी थी। इस वजह से पहले इन दो स्टेशनों के सीसी टीवी कैमरे और आसपास के रेस्त्रां, होटल के कैमरों की जांच की गई। कुछ हासिल ना होने के बाद मुजफ्फरपुर से महिला के सवार होने की जांच के लिए सोमवार को एक टीम रवाना कर दिया गया था। वहां पर टीम जांच पड़ताल कर रही है।
ट्रेन से चार साल के बच्चे को लेकर महिला कहां उतरी यह जानने के लिए राप्तीसागर एक्सप्रेस के कोच संख्या एस 11 में सफर करने वाले में 78 यात्रियों की जीआरपी ने डिटेल निकाली है। सबका बयान लेने के लिए एक टीम को केरल भेजा रहा है। ट्रेन से अपहृत बच्चे की तलाश में जुटी जीआरपी ने फोटो युक्त पोस्टर छपवाया है जिसे स्टेशन परिसर के साथ ही जिले में चस्पा किया जा रहा है।
गोरखपुर जीआरपी थाना प्रभारी उपेंद्र श्रीवास्तव ने बताया अपहृत बच्चे को ढूंढने के लिए गोरखपुर, देवरिया, संतकबीरनगर और बस्ती पुलिस की भी मदद ली जा रही है, जल्द ही आरोपित को पकड़कर बच्चे को बरामद कर लिया जाएगा।
यह है मामला
मधुबनी (बिहार) के गोरहर, पारा गांव निवासी बिट्टू ठाकुर सात जून को पत्नी छोटी देवी, चार साल के बेटे अंकुश व दो साल की बेटी आयुषी व रिश्तेदारों के साथ राप्तीसागर एक्सप्रेस से केरल जा रहे थे। समस्तीपुर में ये लोग ट्रेन के एस 11 कोच में सीट नंबर नौ, 11 और 12 पर बैठे। मुजफ्फरपुर स्टेशन पर एक महिला सीट नंबर 11 पर आकर बैठ गई। इसी सीट पर बिट्टू के दोनों बच्चे अपने मौसा रामसेवक के साथ सोए थे। आठ जून की सुबह ट्रेन के गोरखपुर पहुंचने पर महिला, अंकुश को अगवा कर ट्रेन से उतर गई। खोजबीन के बाद स्वजन ने 10 जून को गोरखपुर जीआरपी थाने में अपहरण का केस दर्ज कराया।