गोरखपुर जिले के सिकरीगंज इलाके के भेउसा उर्फ बनकटवा गांव में सीमेंट की ईंट व मुर्गी दाना बनाने की फैक्टरी में 76 लाख रुपये की बिजली चोरी का मामला अब ऊर्जा निगम के चेयरमैन तक पहुंच गया है। उन्होंने पूरे मामले में हुई जांच पर सवाल उठाते हुए जांच करने वाली कमेटी के सदस्यों को आरोपपत्र देने का निर्देश मुख्य अभियंता को दिया है। इसके अलावा पूरे मामले की जांच नए सिरे से पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्य अभियंता भूदेव प्रसाद को दी गई है।
जानकारी के अनुसार, विजिलेंस की टीम ने मार्च 2021 में सिकरीगंज वितरण खंड में सीमेंट की ईंट व मुर्गी दाना बनाने की फैक्टरी में अवैध एचटी लाइन व 25 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाकर की जा रही बिजली की चोरी पकड़ी थी। इसमें संचालक और अभियंताओं की मिलीभगत सामने आई थी।
मामला खुलने पर बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज होने के बाद जोन के तत्कालीन मुख्य अभियंता देवेंद्र सिंह ने ग्रामीण वितरण मंडल प्रथम के अधिशासी अभियंता राजीव चतुर्वेदी व दो अन्य अधिकारियों को मामले की जांच सौंपी थी। जांच कमेटी ने 30 मार्च को रिपोर्ट मुख्य अभियंता को दी।
मुख्य अभियंता ने जांच रिपोर्ट एमडी को भेजकर उच्चस्तरीय जांच कमेटी बनाने की मांग की। इसके बाद कोरोना की दूसरी लहर के दौरान कई कर्मचारियों के संक्रमित होने से मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इधर तीन दिन पहले पहले ऊर्जा निगम के चेयरमैन ने इस प्रकरण में जोन के मुख्य अभियंता से बातचीत की।