चौरी चौरा कांड के 100 साल पूरे होने के मौके पर पूरे साल शताब्दी समारोह के तौर पर इसे मनाया जाएगा। इस ऐतिहासिक घटना को बच्चों तक पहुंचाने में कार्टून और चित्रों का सहारा लिया जाएगा। इससे उन्हें चौरी चौरा कांड के बारे में जानकारी लेने में सहूलियत होगी।
सरकार का प्रयास है कि प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरा देश और नई पीढ़ी चौरीचौरा कांड के शहीदों के बारे में जानें। इस घटना से जुड़े ऐसे तथ्य जो बहुत सार्वजनिक नहीं हो सके हैं, उन्हें किताब की शक्ल दी जाएगी। बच्चे इसे आसानी से समझें, इसके लिए कार्टून और चित्रों के जरिए कॉमिक्स जैसी किताब छपेगी।
शताब्दी समारोह के तहत पूरे साल चलने वाले कार्यक्रमों से बच्चों को जोड़ा जाएगा। विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। तथ्यों पर शोध के लिए एडीएम सिटी के नेतृत्व में कमेटी गठित की गई है। इसमें संस्कृति विभाग के उपनिदेशक डॉ. मनोज गौतम और पर्यटन अधिकारी को भी शामिल किया गया है।