जानकारी के मुताबिक, सबसे पहले विनोद वन के वन्य जीव प्राणि उद्यान में लाए जाएंगे। इसकी तैयारी भी पूरी हो चुकी है। यहां से कुल 40 वन्य जीवों को यहां लाया जाना है। सभी की जांच परीक्षण रिपोर्ट भी बरेली से आ गई है। इनमें चीतल, मोर, हिरण समेत अन्य वन्य जीव शामिल हैं। जबकि, इसके बाद लखनऊ और कानपुर चिड़ियाघर से जानवरों को लाया जाएगा। इसके तुरंत बाद इटावा लायन सफारी से बब्बर शेरों को लाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
कमेटी करेगी बब्बर शेरों को लाने का फैसला
शेड्यूल एक के जानवरों में बब्बर शेर समेत कुछ अन्य वन्य जीव शामिल हैं। इन्हें गोरखपुर चिड़ियाघर तक लाए जाने का फैसला अब कमेटी तय करेगी। कमेटी में कानपुर चिड़ियाघर के निदेशक, इटावा लायन सफारी के निदेशक, गोरखपुर प्राणि उद्यान के निदेशक व स्टेट जू अथॉरिटी के मेंबर सेक्रेटरी शामिल हैं। गुजरात से लाए गए सात बब्बर शेरों में से तीन को ही गोरखपुर लाया जाना है। कमेटी इन्हीं तीन को लेकर फैसला करेगी कि किसे गोरखपुर प्राणि उद्यान में भेजा जाएगा।
इन प्रमुख जानवरों को लाने की मिली अनुमति
बब्बर शेर, बाघ, तेंदुआ, लंगूर, हिमालयन ब्लैक बीयर, जैकाल, हिप्पो पोटामस, हॉग डीयर, बीयर स्वैंप, ब्लैक बक समेत अन्य वन्य जीव शामिल हैं।
प्राणि उद्यान के निदेशक राजामोहन ने बताया कि चिड़ियाघर में सभी चारों शेड्यूल के जानवरों को लाने की अनुमति मिल गई है। बब्बर शेर को लाने के लिए कमेटी बनाई गई है। कमेटी को ही तय करना होगा कि वहां से कौन से तीन बब्बर शेर यहां आएंगे। प्राणि उद्यान के लोकार्पण के बाद यहां जानवरों को लाने का सिलसिला शुरू कर दिया जाएगा।
- शेरनी महेश्वरी व उसके नर व मादा शावक
- शेरनी मरियम
- शेरनी जेनिफर
- शेरना राधा का मादा शावक