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मनीष गुप्ता हत्याकांड: सीबीआई ने राणा प्रताप व चंदन का दर्ज किया बयान, यहां हुई पूछताछ

Fri, 12 Nov 2021 09:38 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

मनीष गुप्ता हत्याकांड की जांच करने आई है सीबीआई टीम, एनेक्सी भवन के कमरे में पहले राणा और फिर चंदन से हुई पूछताछ।
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बाएं सीबीआई जांच करती टीम, दाएं मनीष के दोनों दोस्त। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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मनीष गुप्ता हत्याकांड की जांच करने आई सीबीआई टीम ने अपना काम शुरू कर दिया है। शुक्रवार को टीम ने मनीष के तीन दोस्तों को पूछताछ के लिए बुलाया था। दो दोस्तों राणा प्रताप चंद व चंदन से करीब छह घंटे तक घटना के विषय में जानकारी ली गई।

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टीम ने दोनों को रविवार को फिर से बुलाया है। इसके अलावा टीम ने सुबह शहर में घूमकर होटल से लेकर मेडिकल कॉलेज तक का लोकेशन भी देखा। टीम जल्दी ही मनीष के दोनों दोस्तों हरदीप व प्रदीप को पूछताछ के लिए बुलाएगी।

कानपुर के बर्रा निवासी कारोबारी मनीष गुप्ता हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई टीम बृहस्पतिवार को गोरखपुर पहुंची थी। टीम ने रामगढ़ताल थाने पहुंचकर एफआईआर की कॉपी लेने के अलावा घटना में प्रयुक्त गाड़ी का भी निरीक्षण किया था। शुक्रवार की सुबह दो सदस्यीय टीम शहर में निकली। सूत्रों के अनुसार टीम ने होटल कृष्णा पैलेस, मानसी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज का लोकेशन देखा। इसके अलावा एसएसपी ऑफिस पहुंचकर भी अफसरों से घटना पर चर्चा की।

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ये था पूरा मामला

सुबह 10 बजे जांच टीम ने बढ़यापार निवासी चंदन, राणा प्रताप चंद और धनंजय को फोन कर सर्किट हाऊस बुलाया। एनेक्सी भवन के एक कमरे में दोपहर दो बजे पहले राणा प्रताप चंद को पूछताछ के लिए बुलाया गया। करीब दो घंटे तक राणा प्रताप से पूछताछ हुई।

इसके बाद शाम चार बजे से लेकर रात आठ बजे तक चंदन का बयान दर्ज किया गया। तीसरे दोस्त धनंजय किसी कारणवश शुक्रवार को नहीं आ पाए थे। राणा प्रताप व चंदन को रविवार को फिर से बुलाया गया है।

हरियाणा के गुरूग्राम निवासी दो दोस्त प्रदीप कुमार व हरवीर सिंह के साथ कानपुर के बर्रा निवासी मनीष गुप्ता गोरखपुर घूमने आए थे। यहां बढ़यापार निवासी चंदन ने रामगढ़ताल क्षेत्र के होटल कृष्णा पैलेस में कमरा बुक कराया था। बीते 27 सितंबर को होटल में पुलिस चेकिंग करने गई थी।

आरोप है कि इस दौरान पुलिस की पिटाई से मनीष गुप्ता की मौत हो गई। पुलिस घटना को छिपाने में जुट गई। मनीष को पहले मानसी अस्पताल और फिर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। माहौल गरमाया तो रामगढ़ताल थाने के इंस्पेक्टर जय नारायन सिंह, दरोगा अक्षय मिश्र व विजय यादव आदि के खिलाफ केस दर्ज हुआ था।

पत्नी मीनाक्षी ने निष्पक्ष जांच की मांग मुख्यमंत्री से की थी, जिस पर एसआईटी गठित कर दी गई। लेकिन मीनाक्षी और उसके परिवार वालों ने असंतोष जताया। इसके बाद मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी गई।


 
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