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पुलिस को अब हुई जानकारी: कबाड़ी को बेच दी कुर्क सफारी, माफिया राकेश के गुर्गे पर केस

Wed, 28 Jun 2023 11:15 AM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।

सार

माफिया राकेश यादव इस समय जेल में बंद है। पुलिस ने माफिया के साथी शाहपुर के जंगल सालिक गांव के अभिषेक सिंह समेत गैंग के कुल 11 सदस्यों के खिलाफ वर्ष 2020 में गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज किया था।
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माफिया राकेश यादव। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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माफिया राकेश यादव गैंग के सदस्य गैंगस्टर अभिषेक सिंह की जिस सफारी गाड़ी को प्रशासन ने कुर्क किया था वह कबाड़ में कट गई। शातिर ने अभिषेक की गाड़ी को 60 हजार में एक कबाड़ी को बेच दी। हैरानी की बात यह है कि गाड़ी थाने से चली गई और इसकी भनक न तो प्रशासन को लगी और न ही पुलिस जान पाई।

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अब जबकि पुलिस ने माफिया और उसके गुर्गों के खिलाफ सख्ती की है तो गाड़ी को कबाड़ में बेचने का मामला पकड़ में आया है। पुलिस ने अभिषेक के खिलाफ सोमवार को कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी और साक्ष्य मिटाने का केस दर्ज किया है।

माफिया राकेश यादव इस समय जेल में बंद है। पुलिस ने माफिया के साथी शाहपुर के जंगल सालिक गांव के अभिषेक सिंह समेत गैंग के कुल 11 सदस्यों के खिलाफ वर्ष 2020 में गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने के लिए पुलिस ने 20 अगस्त 2020 को डीएम की कोर्ट में रिपोर्ट भेज दी। 22 जून 2021 को डीएम ने राकेश के साथी अभिषेक सिंह की सफारी गाड़ी कुर्क करने आदेश देकर तहसीलदार सदर को प्रशासक नियुक्त किया था।
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जब अभिषेक को इस कार्रवाई की जानकारी हुई तो उसने सफारी गाड़ी को तिवारीपुर थाना क्षेत्र के बड़े काजीपुर में रहने वाले कबाड़ी दिलशाद को 60 हजार रुपये में बेच दी। मामला खुलने पर अब गुलरिहा थाना प्रभारी संजय कुमार सिंह ने खुद की तहरीर में केस दर्ज किया है।

लाखों वसूल लें तो कोई चूं नहीं करता...उन पर कबाड़ी सफारी का केस

पुलिस ने अब माफिया राकेश यादव के गुर्गे अभिषेक के खिलाफ 60 हजार रुपये की हेराफेरी का मुकदमा दर्ज किया है। माफिया राकेश की दबंगई और दहशत को जानने वाले इस केस का सुनकर हैरत में हैं, क्योंकि इस गैंग का खौफ ऐसा है कि अगर किसी से लाखों रुपये भी वसूल लें तो कोई चूं नहीं करता।

माफिया राकेश यादव पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू किया तो अब छोटे मामले भी सामने आने लगे हैं। यह पुलिस की लगातार हो रही कार्रवाई का ही असर है कि माफिया राकेश की छोटी-बड़ी हरकतों के खिलाफ भी लोग मुखर हो रहे हैं।

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पुलिस सूत्रों ने बताया कि राकेश यादव का खौफ पुलिसिया कार्रवाई के तीन-चार महीने पहले भी खूब जमकर था। शहर के एक व्यापारी से राकेश यादव ने दो लाख रुपये की वसूली की थी। राकेश की धमक ऐसी थी कि व्यापारी ने रुपये की मांग पर दोबारा पलटकर कुछ नहीं कहा, सीधे रकम पहुंचा दी।
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पुलिस सूत्र बताते हैं कि पूछने पर व्यापारी ने कहा था कि उसे क्या पता था कि राकेश का ऐसा हाल पुलिस कर देगी। मेरी ये रकम तो बच जाती। डर की वजह से दोबारा पूछने की हिम्मत नहीं जुटा पाया और रकम सीधे भिजवा दी। ऐसे ही एक और हिस्ट्रीशीटर है। गुलरिहा इलाके में जमीन की खरीद-फरोख्त का धंधा करता है।

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कुछ मामलों में वह भी राकेश यादव के साथ नामजद है। एक बड़ी जमीन की डील इस हिस्ट्रीशीटर ने कुछ दिनों पहले फाइनल किया था। सूचना पर राकेश यादव का फोन गया और उसने भी खुद की सुरक्षा और राकेश की नजर जमीन से हटाने के लिए 20 लाख रुपये दे दिए।

इसी तरह दो और शख्सों ने भी राकेश के एक फोन पर पांच-पांच लाख रुपये पहुंचाए थे। पुलिस इन मामलों में कार्रवाई इसलिए नहीं कर सकी, क्योंकि इसमें से किसी ने शिकायत नहीं की।


 
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