आरोप है कि अक्तूबर में आरोपियों ने बिना रुपये दिए और बिना आरटीओ दफ्तर गए कार अपने नाम ट्रांसफर करा ली। सात नवंबर को आरोपी कुंज बिहारी गुप्ता और आनंद दूबे ने कार चेक करने के लिए अपने घर बुलाया, तब उन्हें इसकी जानकारी हुई। उसके बाद आरोपियों ने कार की चाबी छीन ली। इसकी सूचना पीड़ित ने पुलिस को दी।
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मौके पर पहुंची शाहपुर पुलिस तो आरोपी फरार हो गए। उसी समय पुलिस ने कार को थाने में खड़ा करा दिया। पीड़ित का आरोप है कि बिना आरटीओ कर्मचारियों की मिलीभगत से यह संभव नहीं है। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया है। जांच जारी है। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।