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गोरखपुर: बीआरडी में ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली फर्म के मालिक पर गैरइरादतन हत्या का केस दर्ज, बच्चों की मौत का ठहराया गया जिम्मेदार

Sat, 19 Feb 2022 12:38 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

फर्म मालिक मनीष भंडारी को इंसेफेलाइटिस से पीड़ित 334 बच्चों की मौत का जिम्मेदार ठहराया गया है। मामला नवंबर 2013 से दिसंबर 2014 के बीच का है। शासन के निर्देश पर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने गुलरिहा थाने में केस दर्ज कराया।
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बीआरडी गोरखपुर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इंसेफेलाइटिस से 334 बच्चों की मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए मेसर्स पुष्पा सेल्स के मालिक मनीष भंडारी के खिलाफ शुक्रवार को गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। आरोपी की फर्म बीआरडी में ऑक्सीजन की आपूर्ति करती थी। मामला नवंबर-2013 से दिसंबर-2014 के बीच का है। विजिलेंस की जांच में उक्त गड़बड़ी पकड़ी गई है।

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शासन के निर्देश पर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने गुलरिहा थाने में तहरीर दी थी। आरोप है कि एक वर्ष से ज्यादा की अवधि में ऑक्सीजन की कमी से मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत हुई थी। इससे पहले भी पुष्पा सेल्स के मालिक पर मुकदमा हो चुका है। मनीष को जेल भी भेजा गया था।

जानकारी के मुताबिक, बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के बीच 2017 में कुछ बच्चों की मौत का मामला सामने आया था। इसके बाद योगी सरकार ने मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में तत्कालीन प्राचार्य सहित कई डॉक्टर व पुष्पा सेल्स के मालिक मनीष भंडारी नामजद हुए थे। उस समय प्रदेश सरकार ने विजिलेंस जांच के आदेश दिए थे। विजिलेंस की टीम ने पिछले दस वर्षों का रिकॉर्ड खंगाला है। जिसमें पता चला कि 2013-14 में ऑक्सीजन की कमी से बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती 334 बच्चों की मौत हुई थी।
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दर्ज मुकदमे की तहरीर के मुताबिक पुष्पा सेल्स को लिक्विड ऑक्सीजन गैस पाइप लाइन व टैंक स्थापित करने का टेंडर मिला था। आरोप है कि टेंडर की शर्तों के अनुसार कंपनी ने नवंबर 2013 से 17 दिसंबर 2014 तक की अवधि में लिक्विड ऑक्सीजन गैस पाइप लाइन और टैंक स्थापित नहीं किया। इस वजह से ऑक्सीजन की सप्लाई कम हो रही थी। इसी का नतीजा रहा कि जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) और एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से पीड़ित व मेडिकल कॉलेज में भर्ती बच्चों की मौत हुई थी।

 

पुष्पा सेल्स के मालिक को माना जिम्मेदार

तहरीर के मुताबिक मेसर्स पुष्पा सेल्स के मालिक मनीष भंडारी को बच्चों की मौत का जिम्मेदार माना गया। आरोप है कि नवंबर 2013 से दिसंबर 2014 के बीच धीमी गति से ऑक्सीजन की सप्लाई मिलती रही। इस दौरान 334 बच्चों की ऑक्सीजन की कमी से मौत हो गई थी।  

प्राचार्य ने दर्ज कराया केस

उत्तर प्रदेश शासन व सचिव चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 17 जनवरी 2022 को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार को पत्र लिखा था। विजिलेंस ने जांच रिपोर्ट शासन को दी थी। इसका संज्ञान लेकर प्राचार्य ने 11 फरवरी को गुलरिहा पुलिस को तहरीर दी थी। मामला हाई प्रोफाइल होने की वजह से गुलरिहा पुलिस ने आला अफसरों को इसकी जानकारी दी। कानूनी सलाह के बाद पुलिस ने सात दिन बाद लखनऊ के आशियाना कॉलोनी निवासी पुष्पा सेल्स के मालिक मनीष भंडारी के खिलाफ लापरवाही से बच्चों की मौत (धारा 304) का केस दर्ज किया है। 

पूर्व प्राचार्य सहित कई डॉक्टरों के खिलाफ दर्ज हुआ था केस

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत का मामला 2017 में भी सामने आया था। मामले में पुष्पा सेल्स के मालिक मनीष भंडारी, पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. राजीव मिश्रा व उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला, डॉ. कफील खान, डॉ. सतीश कुमार, संजय त्रिपाठी, सुधीर कुमार पांडेय, फार्मासिस्ट गजानन जायसवाल, उदय प्रताप शर्मा सहित 10 लोगों को गैर इरादतन हत्या, गबन आदि के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में सभी आरोपियों को जेल भेजा गया था। डॉ. कफील खान के खिलाफ कार्रवाई भी हुई थी। हालांकि, सरकार ने ऑक्सीजन की कमी के बीच मौतों की बात को सिरे से खारिज कर दिया था।

 
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विजिलेंस टीम ने की मामले की जांच

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन आपूर्ति रोकने वाली पुष्पा सेल्स शासन के रडार पर है। शासन के निर्देश पर वर्ष 2018 से पुष्पा सेल्स के खिलाफ विजिलेंस जांच की जा रही है। शासन ने इसकी सूचना हाईकोर्ट को दे रखी है। यह जांच उस दौरान चिकित्सा-शिक्षा विभाग में पुष्पा सेल्स पर अधिकारियों की मेहरबानी, उसे मिले टेंडर और अनुपालन की हो रही है। इनमें कई खामियां मिलीं हैं।

बताया जा रहा है कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज के साथ प्रदेश के दूसरे अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में उपकरणों की आपूर्ति में भी गड़बड़ी मिली है। जल्द ही सभी मामलों में मुकदमा दर्ज हो सकता है।  

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि ऑक्सीजन की कमी से हुई मौत के बाद पुष्पा सेल्स के मालिक मनीष भंडारी के खिलाफ शासन के निर्देश पर विजिलेंस की टीम जांच कर रही थी। जांच में पुष्पा सेल्स के खिलाफ साक्ष्य मिले हैं। शासन के निर्देश पर तहरीर दी गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया है।  

पुष्पा सेल्स के मालिक मनीष भंडारी ने कहा कि ऑक्सीजन की सप्लाई और टेंडर करने के मामले में पेमेंट नहीं मिला है। इसकी मांग कई बार की गई थी। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। केस दर्ज होने की जानकारी मिली है।  

गुलरिहा थानाध्यक्ष अमित कुमार दुबे ने कहा कि प्रधानाचार्य की तहरीर पर फर्म के मालिक मनीष भंडारी पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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