गोरखपुर में निषाद समाज को आरक्षण देने सहित अन्य मांगों को लेकर डीएम दफ्तर पहुंचे निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं का बृहस्पतिवार को मौके पर मौजूद पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों से विवाद हो गया। मामले ने इस कदर तूल पकड़ा कि डीएम दफ्तर से देर शाम भेजी गई तहरीर के आधार पर कैंट पुलिस ने भाजपा सांसद प्रवीण निषाद के भाई व प्रदेश प्रभारी श्रवण निषाद, प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र मणि सहित 21 नामजद व कई अज्ञात कार्यकर्ताओं पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर 14 को गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के मुताबिक, निषाद पार्टी के कार्यकर्ता बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मक्खन लाल गोयल की अगुवाई में प्रदेश प्रभारी श्रवण निषाद व प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र मणि के साथ मछुआ आरक्षण सहित अन्य मांगों को लेकर डीएम को ज्ञापन देने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। इस दौरान एडीएम सिटी राकेश श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव, एसपी सिटी सोनम कुमार, सीओ कैंट सुमित शुक्ल पहुंचे गए।
अधिकारियों ने डीएम कार्यालय के चैनल गेट पर कार्यकर्ताओं को रोककर ज्ञापन उन्हें देने की बात कही। जिस पर कार्यकर्ता खुद डीएम से मिलकर ज्ञापन देने की बात पर अड़ गए। जिसको लेकर अधिकारियों व कार्यकर्ताओं की नोंकझोंक शुरू हो हुई। इस दौरान कैंट पुलिस व कोतवाली पुलिस व महिला थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
कार्यकर्ताओं को बेकाबू देख एडीएम सिटी राकेश श्रीवास्तव व सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव के निर्देश पर पुलिस ने श्रवण निषाद व रविंद्र मणि सहित पांच से छह महिला व 10 से 15 पुरुष कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और पहले थाने फिर पुलिस लाइंस लेकर चली गई। बाद में डीएम कार्यालय से आई तहरीर पर मुकदमा दर्ज करके हिरासत में लिए गए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। महिला कार्यकर्ताओं को चेतावनी के बाद छोड़ दिया गया।
बोले जिम्मेदार
निषाद पार्टी के प्रदेश सचिव जय प्रकाश निषाद ने कहा कि कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से डीएम को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन देने गए थे। पुलिस व प्रशासन की कार्रवाई गलत है।
निषाद पार्टी के प्रदेश प्रभारी श्रवण निषाद ने कहा कि मछुआ आरक्षण के लिए हमेशा जेल जाने को तैयार हूं। मैं तब भी जेल गया था आज भी गिरफ्तार हूं। आगे भी जेल जाना पड़ता है तो जाऊंगा, लेकिन मछुआ समुदाय का हक, अधिकार, मान सम्मान, आरक्षण मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा
कैंट सीओ सुमित शुक्ला ने कहा कि अफसर ज्ञापन लेने के लिए पहुंचे थे लेकिन, पार्टी पदाधिकारी भीड़ के साथ डीएम से मिलने को लेकर बहस करने लगे। इस मामले में श्रवण निषाद समेत 14 नामजद व अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
इनके खिलाफ दर्ज हुआ है केस
श्रवण निषाद, शेखर, सुनील, अभिषेक, जुबेर, मनीष, गुजेश्वर, चंद्रिका, श्रीकृष्ण, बाबूराज, रविंद्र मणि, सूरज साहनी, राजेश साहनी सहित 21 लोगों पर कंपनी कमांडर व ड्यूटी प्रभारी कलेक्ट्रेट रामजी यादव की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज किया है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
145 आईपीसी: विधि विरूद्ध जनसमूह बनाना
147आईपीसी: उपद्रव करना
427आईपीसी: ऐसी गलती जिससे आर्थिक नुकसान हो
332 आईपीसी: लोकसेवक को उसके काम से रोकने की कोशिश करना
188 आईपीसी: अफसर के आदेश का अवहेलना करना
152 आईपीसी:लोकसेवक को उसके काम से रोकने और हमला करना
342 आईपीसी: गलत तरीके से किसी को प्रतिबंधित करना
3/4 लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम: सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना
7 क्रिमिनल लॉ अमेडमेंट एक्ट