जीत दर्ज करने के बाद भी डेढ़ महीने से इंतजार कर रहे 432 पंचायतों के प्रधान अब जाकर शनिवार को शपथ ले सके। इसके साथ ही अब गांव के विकास की बागडोर भी इनके हाथ में आ गई है। शासन के निर्देश पर जिले की बाकी बची 432 पंचायतों के गठन के संबंध में गुरुवार की देर शाम अधिसूचना जारी कर दी गई थी। इसी के साथ इन पंचायतों में गांव की सरकार वजूद में आ गई। शपथ के लिए दो दिन निर्धारित किए गए थे। गोरखपुर के बाकी बचे प्रधानों को आखिरी दिन शनिवार को शपथ दिलाई गई।
बीडीओ व उनका पद खाली रहने की दशा में तहसीलदार ने ब्लाकवार ऑनलाइन नवनिर्वाचित प्रधानों को शपथ दिलाई। दरअसल सामान्य निर्वाचन के बाद जिले की 1294 पंचायतों में से 861 पंचायतों का ही गठन हो पाया था। ग्राम पंचायत सदस्य की दो तिहाई संख्या पूरी नहीं हो पाने की वजह से जिले की 425 पंचायतों का गठन नहीं हो पाया।
वहीं सात ऐसी पंचायते हैं जहां के प्रधान जीत के बाद जिंदगी की जंग हार गए। यानी कुल 432 पंचायतों का न तो गठन हो सका था और न ही यहां के प्रधान जीत के बाद भी शपथ ही ले पाए थे। अब सिर्फ गोला ब्लाक की एक ही ऐसी पंचायत बची है जो संगठित नहीं हो सकी है। उपचुनाव में यहां किसी ने ग्राम पंचायत सदस्य के खाली पड़ी सीट के लिए नामांकन ही नहीं किया। अब यहां दोबारा उपचुनाव कराया जाएगा। शपथ ग्रहण के साथ ही प्रधान अपना डोंगल भी बनाएंगे और विभाग उसे एक्टिव कर देगा।
पंचायतों के गठन के बाद 20 जून को ग्राम सभा की पहली बैठक होगी। पहले से तैयार कार्ययोजना पर चर्चा होने के साथ ही ग्राम सभा यदि कोई नई योजना पर मोहर लगाती है तो उसे भी उसमें जोड़ा जाएगा।
डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने कहा कि जिले की खाली बची 432 पंचायतों का गठन हो गया है। शनिवार को इन पंचायतों के प्रधानों को शपथ भी दिला दी गई। 20 जून को ग्राम सभा की पहली बैठक होगी।