कोरोना महामारी और लॉकडाउन के दौरान बेरोजगार हुए अल्पसंख्यक (मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, पारसी और जैन) युवाओं को स्वरोजगार के लिए सरकार 20 लाख रुपये तक का कर्ज देगी। उप्र अल्पसंख्यक वित्तीय एवं विकास निगम लिमिटेड की ओर से युवाओं को यह ऋण राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशुतोष पांडेय ने बताया कि अल्पसंख्यक वर्ग के बेरोजगार युवक-युवतियों के लिए टर्मलोन ऋण योजना शुरू हो रही है। युवा एग्रीकल्चर एवं अलाइड टेक्निकल ट्रेड, स्मॉल बिजनेस, आर्टिजन और ट्रांसपोर्ट एंड सर्विस सेक्टर में स्वरोजगार के लिए कर्ज ले सकते हैं।
ऋण राशि न्यूनतम एक लाख रुपये से अधिकतम 20 लाख रुपये तक की होगी। लाभार्थी को छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर पर यह कर्ज पांच साल में 20 त्रैमासिक किस्तों में चुकाना होगा। परियोजना लागत की 90 प्रतिशत धनराशि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम (एनएसडीएफसी) देगा। वहीं उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम (यूपीएमएफडीसी) पांच फीसदी धनराशि देगी, जबकि पांच फीसदी धनराशि लाभार्थी को अपने स्रोत से लगानी होगी।
ऐसे युवा ले सकेंगे योजना का लाभ
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशुतोष पांडेय ने बताया कि योजना का लाभ उन्हीं युवक-युवतियों को मिलेगा जो उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हैं। लाभार्थी की पारिवारिक आय ग्रामीण क्षेत्र में 98 हजार रुपये और शहरी क्षेत्र में 1.20 लाख रुपये से अधिक न हो।
ऐसे लाभार्थी जिनके परिवार की वार्षिक आय गरीबी रेखा से दोगुने से अधिक किंतु आठ लाख रुपये वार्षिक से कम है, वह भी पात्र हैं। लेकिन उन्हें आठ प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज चुकाना होगा। लाभार्थी की आयु 18 वर्ष से अधिक हो और उसने इस योजना का लाभ पहले नहीं लिया हो। योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन पत्र जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय में 31 जुलाई तक जमा कर दें।