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Exclusive: कोरोना की काली छाया हटी और गुलजार हो गया शादियों से जुड़ा कारोबार, बैंड बाजा पर थिरकेंगे बराती

Thu, 18 Nov 2021 01:24 PM IST
vivek shukla रोहित सिंह, गोरखपुर।

सार

15 नवंबर से 13 दिसंबर तक की 13 दिनों की सहालग में पांच हजार से अधिक शादियां जिले में होने का अनुमान है। इन्हीं 13 दिनों के लिए 300 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होने का अनुमान है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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कोरोना की काली छाया हटते ही बैंड-बाजा की धुनों पर लोग थिरकने लगे हैं। प्रबोधिनी एकादशी से शादियां शुरू हो गई हैं। इसी के साथ गुलजार हो गया है शादियों से जुड़ा कारोबार। न तो कोई बैंड-बाजा वाला खाली है न ही कोई मैरिज हाल। कपड़े से लेकर सराफा की दुकानों तक में ग्राहकों की भरमार है।
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15 नवंबर से 13 दिसंबर तक की 13 दिनों की सहालग में पांच हजार से अधिक शादियां जिले में होने का अनुमान है। इन्हीं 13 दिनों के लिए 300 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होने का अनुमान है। करीब दो साल बाद शादी का यह पहला सीजन है जिस पर कोरोना का संकट नहीं है। सावधानी के लिए कोविड प्रोटोकाल का पालन किया जाना है, लेकिन मेहमानों को लेकर कोई बाध्यता नहीं है।

यही वजह है कि लोग दिल खोलकर खर्च कर रहे हैं। मन पसंद कपड़े और गहने तो खरीद ही रहे हैं, बैंड-बाजा और मैरिज हाल पर भी खूब पैसे खर्च कर रहे हैं। कई मैरिज हाल वाले 24 घंटे में दो से तीन बुकिंग लिए हुए हैं। यही हाल टेंट और कैटरिंग वालों का भी है। पिछले दो साल कोरोना की वजह से इन लोगों पर बहुत भारी गुजरे हैं। न के बराबर कारोबार हुआ था, लेकिन इस बार उम्मीद है कि सब भरपाई हो जाएगी।   
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शहर में छोटे-बड़े करीब 170 मैरिज हाल हैं। सभी की एडवांस बुकिंग हो गई है। टेंट और कैटरिंग की बुकिंग से अनुमान लगाया जा सकता है कि इस सीजन में हर रोज 400 से अधिक शादियां होंगी। कुल 13 दिनों की सहालग में 5200 से अधिक विवाह होने का अनुमान है। इसी के मद्देनजर बाजार तैयार है। दुकानदारों ने नये पैटर्न की ज्वेलरी, दूल्हा-दुल्हन के कपड़ों की नई रेंज, बैंड-बाजा और फोटो-वीडियो शूटिंग के लिए तमाम तरह के आफर ग्राहकों के सामने हैं।

व्यवसायियों के मुताबिक सामान्य दिनों में एक सहालग में तकरीबन 300 करोड़ रुपये का कारोबार हो जाता है। कोरोना काल में 150 करोड़ रुपये के आसपास आंकड़ा सिमट गया था। इस बार मेहमानों की संख्या पर प्रतिबंध खत्म हो गया है। ऐसे में लोग पुरानी क्षमता के अनुसार अतिथियों को बुला रहे हैं। व्यापारी इस बार सामान्य दिनों के सहालग से अतिरिक्त व्यवसाय होने की उम्मीद कर रहे हैं।
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शहर में रेस्त्रां-बैंक्वेंट हाल

25     होटल (अनुमानित)
170   बैंक्वेट हाल (छोटे-बड़े)
1,50  कैटरर्स ( छोटे-बड़े)
250   टेंट कारोबारी
350  डीजे संचालक और बैंड वाले
 
मैरिज हाउस एसोसिएशन के सचिव विनीत अग्रवाल ने बताया कि फरवरी-मार्च में कोविड का असर होने से लोगों ने शादियां स्थगित कर दी थीं। नवरात्र से अच्छे दिनों की शुरुआत होने के बाद मैरिज हाल गुलजार होने लगे हैं। खूब एडवांस बुकिंग हुई है। सभी मैरिज हाल संचालकों से कोरोना गाइडलाइंस का पालन करवाने की सलाह दी गई है। 

टेंट एसोसिएसन के अध्यक्ष विजय खेमका ने बताया कि कोरोना काल में टेंट और कैटरिंग के व्यवसाय को बहुत नुकसान हुआ था। इस बार की बुकिंग में टेंट और कैटरिंग की मांग काफी है। लोग अपने निजी परिसर में आयोजन करवा रहे हैं तो पुराने तरह के आयोजन में कोई कसर भी नहीं छोड़ रहे।  

चेंबर ऑफ टेक्सटाइल्स अध्यक्ष राजेश नेभानी ने बताया कि सूरत और दिल्ली से नई डिजाइन की साड़ियां, लहंगे और सलवार-सूट मंगवाए गए हैं। दूल्हा और दुल्हन को अच्छा दिखाने की जिम्मेदारी हम निभाते हैं। थोक बुकिंग में आसपास के जिलों के रिटेल काउंटर सज गए हैं। उम्मीद है कि अच्छा कारोबार होगा।

सराफा मंडल के अध्यक्ष पंकज गोयल ने बताया कि इस बार सहालग में सबसे ज्यादा हॉलमार्क पैटर्न वाले आभूषण बेचे जा रहे हैं। हमारी सलाह है कि ग्राहक हॉलमार्क देखे बिना आभूषणों की खरीदारी न करें। सहालग में इस बार प्रतिदिन लगभग 10 करोड़ रुपये की खरीदारी हो रही है।  
 
जायसवाल बैंड के घनश्याम जायसवाल ने बताया कि शादियों में बैंड बाजा की बुकिंग खूब हुई है। पिछले दो वर्षों की तुलना में इस बार बुकिंग अधिक है। प्रतिदिन के हिसाब से बुकिंग की गई है। कोरोना काल में अधिकतर लोगों का रोजगार छिन गया था। इसका भी असर शादियों के उल्लास पर दिखेगा।  

शादी की तिथियां
नवंबर : 15, 16, 20, 21, 28, 29, 30
दिसंबर : 1, 2, 6, 7, 11, 13
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