इसके बाद परिजनों ने सीएमओ से फोन पर बात की। जिसके बाद जिला अस्पताल प्रशासन ने बीआरडी रेफर करने के कागजात बनाए और 108 एंबुलेंस उपलब्ध कराई। देर रात नौ बजे के करीब परिजन संक्रमित को लेकर फिर बीआरडी पहुंचे, जहां उन्हें दोबारा भर्ती करने से मना कर दिया गया है। देर रात 11.25 बजे एसडीएम गौरव सिंह सोगरवाल एक निजी अस्पताल पहुंचे। यहां एसडीएम के हस्तक्षेप के बाद बुजुर्ग महिला को भर्ती किया गया।
बीआरडी प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने बताया कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कोविड वार्ड फुल हो गया है। 40 बेड के वेंटीलेटर भी फुल हैं। इसकी वजह से मरीज को भर्ती नहीं किया गया है। इसकी जानकारी सीएमओ को भी दी गई है। जब तक वेंटीलेंटर खाली नहीं होंगे, तब तक गंभीर मरीजों को भी हम लोग भर्ती नहीं कर सकते हैं। सबसे मेडिकल कॉलेज सीधे रेफर करने के लिए मना किया जा रहा है, फिर भी लोग मान नहीं रहे हैं।
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सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि अस्पताल प्रशासन पहले सीएमओ को सूचना देगा। सीएमओ जहां कहेंगे वहीं मरीज को अस्पताल रेफर करेंगे। इस मामले में अस्पताल संचालक को निर्देशित किया गया है कि वह मरीज को भर्ती करें। जब तक बीआरडी में बेड नहीं खाली होंगे, तब तक उसका इलाज अस्पताल प्रशासन करेगा।