गोरखपुर नगर निगम बोर्ड की बुधवार को हुई बैठक काफी हंगामेदार रही। पिछली बैठक के अनुपालन आख्या को लेकर जहां भाजपा और सपा पार्षद भिड़ गए। वहीं कार्य में लापरवाही को लेकर भाजपा के एक पार्षद ने नगर निगम प्रशासन को ही खरी-खोटी सुना डाली। हंगामे, नोकझोंक के बीच शहर में 29 सड़कों व चौराहों के नामकरण के प्रस्ताव में से एक को छोड़ सभी पर मुहर लग गई।
बैठक में 29 सड़कों और पार्क के नामकरण को लेकर चर्चा हुई। मियां बाजार वार्ड में स्व. पट्टोदेवी के नाम पर सड़क का नामकरण करने को लेकर स्थानीय पार्षद असलम सन्नू ने विरोध दर्ज कराया। कहा कि सड़क का पहले से ही नामकरण है। जुबिली चौक से बक्शीपुर तक की सड़क अब पांच बार सांसद रहे पंडित श्याम बिहारी मिश्रा के नाम से जानी जाएगी। विकास नगर में दो पार्कों का नामकरण महाराणा प्रताप और पृथ्वीराज चौहान के नाम पर किया गया।
उपसभापति ऋषि मोहन वर्मा और जितेंद्र सैनी ने हाउस टैक्स में ब्याज माफी के मुद्दे को उठाया। पार्षदों ने मांग की कि ब्याज में 50 फीसदी माफी की योजना लागू की जाए। पार्षदों की तरफ से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन को लेकर निकाले गए टेंडर पर विरोध जताया गया। पार्षद अमरनाथ यादव ने कहा कि टेंडर को लेकर 20 लाख रुपये की जमानत राशि मांगी जा रही है।