भोजपुरी फिल्मों की अभिनेत्री रक्षा गुप्ता का कहना है कि अश्लील भोजपुरी फिल्मों को अनुदान नहीं मिलना चाहिए। सीएम योगी आदित्यनाथ का निर्णय बिल्कुल सही है। अश्लील भोजपुरी फिल्मों को अनुदान नहीं दिया जाना चाहिए। अपनी फिल्म ‘अपराधी’ की शूटिंग के लिए गोरखपुर पहुंची रक्षा शुक्रवार को विजय चौक स्थित एक होटल में संवाददाताओं से बातचीत कर रही थीं।
मूल रूप से बिहार के मोतिहारी जिले के चकिया निवासी रक्षा की शिक्षा दिल्ली में हुई। दिल्ली में ही उन्होंने नृत्य व थिएटर से अभिनय की बारीकियों को सीखा। वर्ष 2014-15 में ‘नचबलिए सीजन-छह’ में सेकंड रनर अप रहकर रक्षा पहली बार सुर्खियों में आई थीं। उनकी पहली फिल्म ‘ठीक है’ में वे निरहुआ के साथ लीड रोल में हैं।
पहली रिलीज फिल्म ‘कमांडो अर्जुन’ है, यह रूपहले पर्दे पर लगातार तीसरे सप्ताह धूम मचा रही है। नसीहत, किंग, घरवाली-बाहरवाली दो फिल्मों की शूटिंग पूरी हो चुकी है। फिल्म ‘जोश’ व धार्मिक फिल्म ‘वध’ भी बनकर तैयार है। हिंदी में भी ‘विश’, ‘द डार्क जंगल’ फिल्म में काम की हैं।
सुनहरा है भोजपुरी फिल्मों का भविष्य
भोजपुरी फिल्मों के भविष्य पर बात करते हुए रक्षा ने कहा कि हिंदी के बाद देश में सबसे ज्यादा भोजपुरी भाषी ही हैं। इसलिए इसका भविष्य सुनहरा है। पिछले कुछ वर्षों में मनोज तिवारी, रवि किशन, खेसारी लाल यादव व निरहुआ जैसे कलाकारों ने भोजपुरी फिल्मों को राष्ट्रीय क्षितिज पर स्थापित किया है। अपनी भाषा में बनी फिल्मों को यूपी, बिहार व झारखंड के लोग नहीं देखेंगे तो कौन देखेगा। अपनी भाषा को हर किसी को प्रोत्साहित करना चाहिए।