बिहार के पूर्व विधायक व माफिया राजन तिवारी।
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विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट सुबोध वार्ष्णेय ने सोमवार को बाहुबली व बिहार के पूर्व विधायक राजन तिवारी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। राजन पर गैंगस्टर के तहत कार्रवाई हुई है। इसी मामले में गिरफ्तार किया गया था। अब हाईकोर्ट से जमानत लेनी पड़ेगी।
राजन तिवारी की तरफ से गैंगस्टर कोर्ट में जमानत अर्जी दी गई थी। इस पर सोमवार को सुनवाई हुई। जमानत याचिका का विरोध करते हुए विशेष लोक अभियोजक अखिलेश शुक्ल और घनश्याम सिंह ने कहा कि राजन गिरोहबंद व्यक्ति है। अपने आर्थिक और भौतिक लाभ के लिए अपराध करता है।
उसके भय से कोई मुकदमा दर्ज कराने और गवाही देने का साहस नहीं जुटा पाता है। हत्या और हत्या के प्रयत्न के दो मुकदमे गैंगचार्ट में दर्ज हैं। जमानत मिलने के बाद राजन तिवारी जांच को प्रभावित कर सकता है। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।
आपको बताएं, गोरखपुर पुलिस ने गैंगस्टर के मामले में 17 वर्षों बाद बिहार के पूर्व विधायक को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। जेल भेजने के बाद राजन व उसके लोगों ने कैंट पुलिस को धमकाया था। जान से मारने की धमकी दी थी। इस मामले का मुकदमा कैंट थाने में दर्ज कराया गया है। राजन को गोरखपुर मंडलीय कारागार से फतेहगढ़ केंद्रीय कारागार भेजा जा चुका है।