विवेचक राम बहादुर ने तहरीर में लिखा है कि शासन ने जांच की अनुमति दी थी। इसके बाद विभिन्न स्रोतों से ज्ञानेंद्र सिंह की संपत्ति का ब्योरा जुटाया गया। जांच में पाया गया कि उसने आय से 24 लाख 64 हजार 530 रुपये अधिक खर्च किए। आय से अधिक संपत्ति के बारे में नोटिस देकर ज्ञानेंद्र सिंह से जवाब मांगा गया, लेकिन उसने संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
जवाब से संतुष्ट नहीं होने के बाद विवेचक राम बहादुर ने साक्ष्यों के साथ शासन से केस दर्ज कराने की अनुमति मांगी थी। अनुमति मिलने के बाद कैंट थाने में केस दर्ज कराया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।