कोविड टीकाकरण की गति को तेज करने और कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए ऑटो रिक्शा चालक, स्ट्रीट वेंडर्स, फल सब्जी विक्रेता, बस चालकों और दिव्यांगों को विशेष सत्र में टीका लगाया जाएगा। इसकी शुरुआत 14 जून से होगी। टीकाकरण कराने के बाद रेहड़ी-पटरी व्यवसासी को 20 हजार रुपये का ऋण मिलेगा। टीकाकरण अभियान उनके काम करने वाले स्थानों पर चलाया जाएगा। डीएम की ओर से इसकी सूची स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी। तय तिथियों में विशेष अभियान चलाकर इन लोगों को टीका लगाया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक प्रदेश सरकार कोरोना टीकाकरण में तेजी लाना चाहती है। यही वजह है कि अब कार्यस्थलों पर भी टीकाकरण की शुरुआत की जा चुकी है। इन सबके बीच शासन अब पांचवें चरण में ऐसे लोगों को टीका लगाने जा रही है, जिनसे आम आदमी रोज संपर्क में आ रहा है। इसके लिए अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि आम आदमी के संपर्क में आने वाले वाले स्ट्रीट वेंडर्स, फल सब्जी विक्रेता, बस चालक, ऑटो चालक, ई-रिक्शा चालक, ठेला चालक, पटरी दुकानदार, फेरी वालों को उनके कार्यस्थल पर टीका लगाया जाए। विशेष सत्र चलाकर 100 प्रतिशत टीकाकरण कराया जाए। शासन का मानना है कि आम आदमी का इन लोगों से रोज संपर्क हो रहा है। ऐसी स्थिति में अगर टीका लग जाता है तो संक्रमण फैलने के आसार बेहद कम हो जाएंगे।
आरटीओ कार्यालय में बनेगा ड्राईवर बूथ
जिले के आरटीओ कार्यालय में ड्राईवर बूथ बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इन बूथों पर प्रतिदिन 100 लोगों को टीका लगाया जाएगा। इसमें कार्मिशयल वाहन चालक, टैक्सी ऑटो रिक्शा एवं ई-रिक्शा को शामिल किया गया है। साथ ही बसों के कंडक्टर के लिए 50-50 लोगों को (45 वर्ष से ऊपर और 18 से 44 वर्ष) के लोगों को टीका लगाया जाएगा।
स्ट्रीट वेंडर बूथ भी बनाए जाएंगे
नगर निगम में आने वाले 100 रेहड़ी दुकानदारों, फल सब्जी विक्रेता, रिक्शा, ठेला चालक, 50-50 (45 वर्ष से ऊपर और 18 से 44 वर्ष) वाले को टीका लगाया जाएगा। इसमें नगर निगम का भी सहयोग लिया जाएगा। इसके अलावा फेरीवाले, फुटपाथ दुकानदारों, पंजीकृत रिक्शा चालकों को टीका लगाया जाएगा।
दिव्यांगों के लिए बनेंगे अलग बूथ
शासन ने दिव्यांगों के लिए अलग बूथ बनाने के भी निर्देश दिए हैं। यह बूथ ग्राम पंचायत स्तर से लेकर शहरी स्तर तक में बनाए जाएंगे। पंचायत स्तर पर ऐसे स्थानों पर बूथ बनेंगे, जहां पर आसानी से दिव्यांग पहुंच सके। इसके अलावा बुजुर्गों को भी वरीयता देते हुए टीका लगाया जाएगा। बता दें कि करीब 30 हजार दिव्यांग जिले में पंजीकृत है। गैर पंजीकृत की संख्या जोड़ दी जाए, तो यह संख्या 70 हजार के आसपास पहुंच जाती है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ एनके पांडेय ने बताया कि 14 जून से बृहद स्तर पर टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा। इसके लिए शासन से निर्देश मिला है। हर वर्ग के लोगों को उनके कार्यस्थल पर जाकर ही टीका लगाया जाएगा। दिव्यांगों के लिए भी अलग से बूथ बनाए जाएंगे। यह बूथ ऐसे स्थानों पर बनेंगे, जहां पर दिव्यांग आसानी से पहुंच सके।