मिशन-2022 से पहले सत्ता का सेमीफाइनल कहे जा रहे जिला पंचायत के चुनाव में प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्रियों के गढ़ों में भी कमल ‘मुरझा’ गया। भाजपा गोरखपुर क्षेत्र से जुड़े सूबे के कृषि मंत्री व भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही व स्वास्थ्य मंत्री राजा जय प्रताप सिंह के विधानसभा क्षेत्र में जिला पंचायत चुनाव के नतीजों में निराशा हाथ लगी है। जिला पंचायत चुनाव में अपेक्षा के अनुरूप नतीजा नहीं आने की समीक्षा करा रहे भाजपा नेतृत्व की चिंता बढ़ गई है।
समीक्षा में जो तथ्य सामने आए हैं, वह आगामी विधानसभा चुनाव से पहले डरा रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता कैबिनेट मंत्रियों के क्षेत्रों में हार की है। इसकी रिपोर्ट शीर्ष नेतृत्व को भेजी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक सूबे के कृषि मंत्री व भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही के विधानसभा क्षेत्र में भाजपा केवल एक सीट जीत पाई है। इस क्षेत्र में दो आंशिक को मिलाकर जिला पंचायत के दस वार्ड हैं। स्वास्थ्य मंत्री राजा जय प्रताप सिंह के विधानसभा क्षेत्र से जिला पंचायत चुनाव के नतीजे निराश करने वाले हैं।
सूर्य प्रताप शाही, कृषि मंत्री (कैबिनेट मंत्री)
विधानसभा क्षेत्र- पथरदेवा, जिला- देवरिया
जिला पंचायत वार्ड-10, भाजपा जीती केवल एक (सुजीत प्रताप सिंह चुनाव जीते)
हार की वजह : स्थानीय कार्यकर्ताओं का आरोप है कि चुनाव जीतने के बाद विधायक या कृषि मंत्री का विधानसभा क्षेत्र में आना-जाना कम हो गया। इससे नाराजगी बढ़ी है। इस क्षेत्र के ज्यादातर टिकट कृषि मंत्री की सिफारिश पर दिए गए थे, फिर भी पार्टी प्रत्याशियों को करारी हार मिली है। पार्टी आलाकमान को भेजी रिपोर्ट में कहा गया है कि कृषि मंत्री विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं पर ध्यान नहीं देते हैं। भाजपा नेता, कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। जनहित से जुड़े मामलों का सही ढंग से निपटारा नहीं होता है। लंबे समय से राजनीति कर रहे हैं, लेकिन बेटे सुब्रत शाही को पथरदेवा का ब्लॉक प्रमुख बनवाने की मुहिम में ही जुटे हैं। परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप भी हैं।
चिंता : नाराजगी का यही आलम रहा तो आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
राजा जय प्रताप सिंह, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, मातृ एवं शिशु कल्याण (कैबिनेट मंत्री)
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजा जय प्रताप सिंह।
- फोटो : अमर उजाला।
विधानसभा क्षेत्र- बांसी, जिला- सिद्धार्थनगर
जिला पंचायत वार्ड-10 सीट (दो आंशिक)
भाजपा ने जीती दो सीट (वार्ड 29 से मीना जीतीं)
हार की वजह- सातवीं बार चुनाव जीते हैं, फिर भी जिला पंचायत चुनाव में अपेक्षा के अनुरूप नतीजे नहीं आए हैं। पार्टी के ही लोग आरोप लगाते हैं कि क्षेत्र में पार्टी की पकड़ कमजोर हो गई है। इसकी प्रमुख वजह पार्टी नेताओं की आपसी गुटबाजी भी है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री हैं, फिर भी क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं अच्छी नहीं हैं। 50 बेड का अस्पताल बनवा रहे हैं। यह जल्द शुरू हो सकता है। कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में काफी दिक्कत हुई। इससे भी नाराजगी बढ़ी है।
चिंता : आगामी विधानसभा चुनावों में अपेक्षित परिणाम न मिलने का डर। डैमेज कंट्रोल की कवायद शुरू की गई।