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गोरखपुर बलदेवा प्लाजा के नईम एंड संस पर एटीएस का फिर छापा, आठ घंटे खंगाले गए दस्तावेज

Tue, 29 Dec 2020 09:27 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

  • कोतवाली इलाके में स्थित दूसरे दुकान पर भी पहुंची टीम, यहां से भी कई दस्तावेज ले गए साथ
  • 24 मार्च 2018 को नईम को एटीएस ने किया था गिरफ्तार, बताया था आतंकी संगठन से सांठगांठ
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गोलघर बलदेव प्लाजा नईम एंड संस मोबाइल शॉप में जांच करती एटीएस की टीम - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर में एटीएस (एंटी टेरिज्म स्क्वॉड) की टीम ने हवाला कारोबार और देश विरोधी तत्वों के संपर्क में होने के संदेह में पहले पकड़े जा चुके मोबाइल फोन कारोबारी नईम की फर्म नईम एंड संस पर मंगलवार को दोबारा छापा मारा। टीम ने करीब आठ घंटे की जांच पड़ताल के बाद दो प्रतिष्ठानों से कंप्यूटर हार्ड डिस्क और अन्य दस्तावेज कब्जे में लिए।

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टीम ने कारोबारी भाइयों से पूछताछ भी की। टीम कोतवाली इलाके में नईम के दूसरे दुकान पर भी गई थी। देर शाम टीम लखनऊ रवाना हो गई। 24 मार्च 2018 को नईम को आतंकी संगठन से सांठगांठ के आरोप में एटीएस ने गिरफ्तार किया था।

जानकारी के मुताबिक, मंगलवार की सुबह दस बजे के करीब दुकान खुलने के साथ ही बलदेवा प्लाजा स्थित नईम एंड संस की दुकान पर एटीएस की टीम कैंट पुलिस के साथ पहुंच गई। टीम के अचानक आने से मौके पर अफरा तफरी का माहौल हो गया। मालिक नसीम अहमद को बुलाया गया फिर दुकान में रखे दस्तावेजों की जांच की गई। अधिकतर दुकानदारों ने वाणिज्यकर विभाग का छापा पड़ने के अंदेशा में दुकानें बंद कर दी थीं।
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दोपहर बाद स्थिति स्पष्ट होने पर दुकानें खुलीं। दुकान के पास भीड़ बढ़ने पर एटीएस की टीम ने एहतियात के तौर पर क्राइम ब्रांच और कैंट थाने की पुलिस को भी बलदेव प्लाजा में बुला लिया। घंटों पड़ताल के बाद कई रिकॉर्ड को एटीएस की टीम साथ लेकर लौट गई। खबर है कि कोतवाली इलाके की दूसरी दुकान से भी दस्तावेज जब्त किए गए हैं। स्थानीय पुलिस अधिकारी मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े होने की बात कहकर कुछ भी बोलने से इनकार कर रहे हैं।
 

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कर्मचारियों को कर दिया गया था बाहर

जांच के दौरान एटीएस के अलावा कैंट पुलिस ही मौजूद थी। इसके अलावा दुकान मालिक थे, सभी कर्मचारियों को एटीएस ने पूरे जांच के दौरान बाहर रखा। जांच पूरी होने के बाद ही किसी को अंदर जाने की अनुमति मिल सकी।

50 लाख रुपये की हुई थी बरामदगी
2018 में एटीएस की कार्रवाई के दौरान 50 लाख रुपये बरामद हुए थे। खबर तो यह भी है कि मोबाइल फोन कारोबारी भाइयों ने रुपये वापसी के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिसके बाद एटीएस की जांच तेज हो गई है। हालांकि इसकी कोई पुष्टि नहीं कर रहा है।

24 मार्च 2018 को हुई थी गिरफ्तारी
24 मार्च 2018 में छापेमारी करने के बाद एटीएस ने नसीम उनके भाई बाबी समेत सात लोगों के खिलाफ लखनऊ में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसकी विवेचना चल रही है। माना जा रहा है कि इसी की विवेचना करने को टीम गोरखपुर आई थी।

 
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एटीएस ने बताया था पाक हैंडलर

गिरफ्तार लोगों में संजय, नसीम और उमा को पाक हैंडलर बताया गया था। तब एटीएस ने बताया था कि ये लोग आतंकी संगठनों के खातों में रुपये भेजने का काम करते हैं।

इनकी हुई थी गिरफ्तारी
2018 में गोरखपुर के खोराबार इलाके के पांडेय टोला निवासी दयानंद यादव पुत्र सुदामा यादव, गोलघर, गांधी गली निवासी नसीम अहमद, उनके भाई अरशद नईम, कुशीनगर के पडरौना, नगर मस्जिद के सामने निवासी मुशर्रफ अंसारी उर्फ निखिल राय पुत्र युसूफ अंसारी, प्रतापगढ़ के रानीगंज के भगेसरा निवासी संजय सरोज पुत्र राम खेलावन, मध्यप्रदेश के रीवा बीड़ा, सेमरिया निवासी उमा प्रताप सिंह पुत्र शंकर सिंह, लखनऊ थाना पीजीआई के बरौली निवासी साहिल मसील पुत्र अमर सिंह, आजमगढ़, जियनपुर के तराव निवासी सुशील राय उर्फ अंकुर राय पुत्र प्रफुल्ल कुमार, प्रतापगढ़ के रानीगंज भगेसरा निवासी नीरज मिश्रा पुत्र राकेश मिश्रा और बिहार के गोपालगंज निवासी मुकेश प्रसाद पुत्र जलेश्वर प्रसाद को पकड़ा गया था।
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