डीएफओ अविनाश कुमार ने बताया कि आरोग्य वन में आंवला, बेल, घृत कुमारी, गिलोय, नीम, सहजन, तुलसी, बबूल, कदंब, सेमल, शीशम, यूकेलिप्टस, आम, अमरूद, जामुन, बेर, पपीता, लीची, हरसिंगार, अर्जुन, लेमन ग्रास, कालमेघ, अश्वगंधा, एलोवेरा, हरड़, बेहड़ा, पीपल, पाकड़, बरगद आदि के पौधे लगाए जाने हैं। उन्होंने बताया कि पौधे शरीर के अंगों के हिसाब से लगाए जाएंगे। मसलन गला, उदर, पेट, फेफड़ा, दिल, गुर्दा समेत शरीर के अन्य अंदरूनी हिस्सों में औषधीय गुण से फायदेमंद होने वाले पौधों को तरजीह दी जाएगी।
आरोग्य वन के पास बनेगा स्मृति स्मारक
आरोग्य वन के एरिया में ही कोरोना से जान गंवाने वाले वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की याद में स्मृति स्मारक बनाया जाएगा। प्रदेश भर में कोरोना काल में वन विभाग के 48 अधिकारियों और कर्मचारियों की जान गई है। गोरखपुर प्रभाग में भी दो कर्मचारियों की जान करोना से गई है। इन्हीं की याद में 21.4 फीट गोल और 6 फीट ऊंचा स्मृति स्मारक बनाया जा रहा है।