नगर विधायक डॉ आरएमडी अग्रवाल व राज्यसभा सांसद जयप्रकाश निषाद। (फाइल फोटो)
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गोरखपुर एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करने गए भाजपा के राज्यसभा सांसद जयप्रकाश निषाद व नगर विधायक डॉ. आरएमडी अग्रवाल के बीच तू-तू, मैं-मैं हुई। सूचना पाकर भाजपा की क्षेत्रीय, जिला व महानगर इकाई के पदाधिकारी मौके पर गए और मामला शांत कराया। हालांकि, प्रधानमंत्री के जाने के बाद भी एयरपोर्ट के बाहर सांसद प्रतिनिधि व नगर विधायक के बीच खूब कहासुनी हुई। जिस समय विवाद हुआ, उस वक्त तक प्रधानमंत्री नहीं आए थे। एयरपोर्ट के वीवीआईपी लाउंज में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जरूर मौजूद थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सोमवार सुबह गोरखपुर एयरपोर्ट से होकर सिद्धार्थनगर जाना था। सुबह 9:30 बजे विशेष विमान आना था। इससे पहले ही भाजपा की क्षेत्रीय, जिला व महानगर इकाई के पदाधिकारियों के साथ ही सांसद व विधायकों को बुला लिया गया। इन सबको प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए हवाई पट्टी तक जाना था।
जानकारी के मुताबिक, जनप्रतिनिधि एयरपोर्ट के अंदर विशेष कक्ष में बैठे थे। कक्ष तक आम आदमी के जाने की मनाही थी। इसी बीच भाजपा के राज्यसभा सांसद जयप्रकाश निषाद को पता चला कि विशेष पास एयरपोर्ट के बाहर ही छूट गया है। लिहाजा, सांसद ने अपने प्रतिनिधि जितेंद्र बहादुर चंद को फोन किया और पास भिजवाने को कहा। सांसद प्रतिनिधि ने पास प्रशासन के वीआईपी बाबू आनंद मिश्रा को थमाया और सांसद तक पहुंचाने का अनुरोध किया।
पास को लेकर हुआ बहस
प्रतिनिधि व भाजपा के वरिष्ठ नेता जितेंद्र बहादुर चंद के मुताबिक वीआईपी बाबू ने पास नगर विधायक डॉक्टर राधा मोहन दास अग्रवाल से भिजवाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। इस बीच सांसद का दोबारा फोन आया और उन्हें बता दिया कि पास वीआईपी बाबू के पास है। नगर विधायक से अंदर भिजवाने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
इस पर सांसद ने कमरे में ही मौजूद नगर विधायक से बात की और कहा कि पास ले आते तो दिक्कत नहीं रहती। इस पर विधायक ने कहा आपको किसने बताया कि पास नहीं ले आए हैं। सांसद ने जैसे ही कहा प्रतिनिधि जितेंद्र बहादुर चंद, वैसे ही विधायक भड़क गए।
सांसद के सामने ही विधायक ने कहा कि वह तो झूठा है। इतना कहना था कि राज्यसभा सांसद ने आपत्ति जता दी और कहा कि इस तरह की बात विधायक को शोभा नहीं देती। बाद में प्रधानमंत्री आए और चले गए, फिर विवाद की जानकारी सांसद के प्रतिनिधि तक पहुंची। पता चला कि विधायक ने झूठा कहा तो वह भी भड़क गए। नगर विधायक के एयरपोर्ट से बाहर आते ही जितेंद्र ने झूठा कहने पर आपत्ति जताई।
इस पर दोनों के बीच कहासुनी हुई। मामला बढ़ता देख पदाधिकारियों ने हस्तक्षेप किया और पूरा मामला शांत कराया। इस मामले में नगर विधायक से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन नहीं उठा। व्हाट्सएप मैसेज भेजकर पक्ष मांगा गया है। जवाब नहीं आया। पक्ष मिलते ही प्रकाशित किया जाएगा।
विधायक का इस तरह बोलना ठीक नहीं है। सब सम्मानित होते हैं। किसी तरह का विवाद नहीं हुआ था। जो गलत था, उस पर आपत्ति दर्ज करा दी थी। -जय प्रकाश निषाद, सदस्य राज्यसभा
विधायक ने जो कहा वह ठीक नहीं था। पहले सांसद जी ने आपत्ति दर्ज कराई, फिर हमने। किसी के बारे में कुछ भी नहीं बोल देना चाहिए।-जितेंद्र बहादुर चंद, प्रतिनिधि राज्यसभा सदस्य जय प्रकाश निषाद